पटना: फर्जी डॉक्टर और सिविल सेवा टॉपर बनने का नाटक, मंगेतर को ठगने की साजिश नाकाम
पटना। बिहार की राजधानी पटना में एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है, जहां एक युवती ने खुद को एम्स दिल्ली का डॉक्टर और सिविल सेवा परीक्षा पास करने वाली बताकर अपने मंगेतर और उसके परिवार को ठगने की कोशिश की। इस युवती ने यहां तक दावा किया कि उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सम्मान भी मिला है। लेकिन जब मंगेतर को शक हुआ और पुलिस को सूचना दी गई, तो पूरा मामला फर्जी निकला।
लुटेरी दुल्हन की फर्जी पहचान और नकली प्रमाणपत्र
जानवी सिंह नामक इस युवती ने खुद को एम्स दिल्ली का डॉक्टर बताकर अपने मंगेतर रवि रंजन को प्रभावित किया। वह यह साबित करने के लिए गुवाहाटी का एक फर्जी आईडी कार्ड भी दिखाया। जानवी ने अपनी सिविल सेवा परीक्षा पास होने की खबरें छोटे अखबारों में छपवाकर उसकी कटिंग्स भी संभाल रखी थी। उसने दावा किया कि उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सम्मानित किया गया है, जो पूरी तरह से झूठ निकला।
शादी का जाल और पुलिस की सक्रियता
रवि रंजन और जानवी की मुलाकात फेसबुक के माध्यम से हुई थी। जानवी ने रवि को प्यार में उलझाकर शादी का प्रस्ताव रखा। दोनों के परिवारों ने जुलाई में उनकी शादी तय कर दी। 15 जुलाई को सगाई के बाद, जानवी ने दावा किया कि उसके पास 30 लाख रुपये की चूड़ियाँ थीं, जिन्हें रवि रंजन के रिश्तेदारों ने चुरा लिया। इस पर उसने बेउर थाने में चोरी का मामला दर्ज कराया।
फर्जीवाड़ा उजागर: पुलिस की छानबीन में हुआ खुलासा
पुलिस ने छानबीन के दौरान जानवी की कहानी को संदिग्ध पाया। जांच में पता चला कि उसके पास से दो अलग-अलग नामों के आधार कार्ड, एक फर्जी डॉक्टर आईडी कार्ड, एक मोबाइल फोन, 39,800 रुपये नकद और पीले रंग की एक धातु बरामद हुई, जिसे सोना माना जा रहा था। पुलिस का कहना है कि जानवी ने शादी के बहाने से जेवरात और पैसा ठगने की योजना बनाई थी।
साजिश का पर्दाफाश और आगे की कार्रवाई
फुलवारी शरीफ पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी विक्रम सिहाग ने बताया कि जानवी की योजना थी कि वह रवि रंजन को जाल में फंसाकर उससे धन उगाही करे। लेकिन, समय रहते ही पुलिस ने उसकी साजिश का पर्दाफाश कर दिया और जानवी को गिरफ्तार कर लिया। अब पुलिस जानवी को न्यायालय में पेश करने की तैयारी कर रही है।
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