बिहार कैबिनेट बैठक में 31 प्रस्तावों को मिली मंजूरी, छात्रवृत्ति और पद सृजन पर बड़ा फैसला

बिहार कैबिनेट बैठक में 31 प्रस्तावों को मिली मंजूरी, छात्रवृत्ति और पद सृजन पर बड़ा फैसला

पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आज हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में राज्य के शिक्षा, विकास और रोजगार क्षेत्रों को मजबूती देने के लिए कई अहम फैसले लिए गए। मंत्रिपरिषद ने कुल 31 प्रस्तावों को मंजूरी दी, जिसमें छात्रवृत्ति, उच्च शिक्षा, सामाजिक कल्याण और बुनियादी ढांचे से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल थे।

सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के 27 लाख विद्यार्थियों को अब छात्रवृत्ति दोगुनी मिलेगी। कक्षा 1 से 4 तक के छात्रों को सालाना 1,200 रुपये, कक्षा 5 और 6 तक के छात्रों को 2,400 रुपये और कक्षा 7 से 10 तक के छात्रों को 3,600 रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही पिछड़ा और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए प्री-मैट्रिक मेधावृत्ति योजना में वार्षिक पारिवारिक आय की सीमा बढ़ाकर तीन लाख रुपये कर दी गई है। छात्रावास अनुदान भी एक जनवरी से बढ़ाकर 2,000 रुपये कर दिया गया, जिससे छात्रों को अतिरिक्त सहायता मिल सकेगी।

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी कई नए कदम उठाए गए हैं। बक्सर जिले में उस्ताद बिस्मिल्लाह खां संगीत महाविद्यालय की स्थापना के लिए बजट को 87.81 करोड़ रुपये तक बढ़ाया गया। इसके अलावा नवगठित उच्च शिक्षा विभाग में 161 नए पद सृजित किए गए हैं, जिससे विभागीय कार्यों में दक्षता और तेजी आएगी। वित्तीय वर्ष 2026-27 में भारतीय सेना और केंद्रीय अर्धसैनिक बल के सेवानिवृत कर्मियों को 17,000 पदों पर अनुबंध पर नियुक्त करने की अनुमति भी कैबिनेट ने दी है।

राज्य के विकास और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी कई फैसले लिए गए। पटना जू में टॉय ट्रेन संचालन के लिए 5.81 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों के लंबित भुगतान के लिए 5 अरब रुपये की राशि स्वीकृत की गई। इसके अलावा उद्यमियों के लंबित दावों के भुगतान के लिए 1,700 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई और बिहार निवास, नई दिल्ली के पुनर्विकास के लिए 6.01 करोड़ रुपये की राशि सुनिश्चित की गई।

प्रशासनिक सुधारों के तहत बिहार सेमी कंडक्टर पॉलिसी 2026 को स्वीकृति मिली, जबकि सरकारी कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने चेतावनी दी है कि दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने पर कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भूमि सुधार उपसमाहर्ता के 101 पद स्थायी रूप से सृजित किए गए हैं। राज्य स्तरीय नोडल एजेंसी के रूप में बिहार राज्य बीज निगम और बिहार स्टेट सीड एंड ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन एजेंसी को नामित किया गया है।

अपर मुख्य सचिव बी. राजेंद्र ने बताया कि इन सभी निर्णयों का उद्देश्य बिहार में शिक्षा, युवाओं के कौशल विकास, रोजगार और राज्य के दीर्घकालिक विकास को गति देना है। उन्होंने कहा कि कैबिनेट के इन फैसलों से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव आएंगे और लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा।

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BIHAR - JHARKHAND