नीलकंठ महादेव सेवा समिति का भव्य समापन सह सम्मान समारोह, शिवमय माहौल में सैकड़ों श्रद्धालु हुए शामिल
औरंगाबाद। औरंगाबाद शहर के शाहपुर सूर्य मंदिर रोड स्थित होटल सूर्यांश पैलेस में रविवार को नीलकंठ महादेव सेवा समिति, औरंगाबाद की ओर से भव्य समापन सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे सैकड़ों शिव भक्तों की सहभागिता ने आयोजन को यादगार बना दिया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव की आरती और विधिवत पूजन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जिससे पूरा सभागार भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो गया। “हर-हर महादेव” के जयघोष से माहौल गूंजता रहा।
समारोह को संबोधित करते हुए समिति के संस्थापक नीरज कुमार उर्फ लप्पू गुप्ता एवं लखन प्रसाद ने संयुक्त रूप से समिति की वार्षिक गतिविधियों की जानकारी दी और आय-व्यय का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि नीलकंठ महादेव सेवा समिति विगत कई वर्षों से सावन माह में सुल्तानगंज से देवघर तक पैदल यात्रा करने वाले कांवरियों की निस्वार्थ सेवा में जुटी हुई है। समिति की ओर से लगाए जाने वाले शिविरों में कांवरियों के लिए शुद्ध पेयजल, निःशुल्क भोजन, प्राथमिक चिकित्सा, विश्राम स्थल, स्नान सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
संस्थापकों ने कहा कि समिति का मूल उद्देश्य सेवा भाव के साथ शिव भक्तों की सहायता करना है, ताकि कठिन कांवर यात्रा के दौरान किसी भी श्रद्धालु को परेशानी न हो। समिति के सभी सदस्य पूरे समर्पण और निष्ठा के साथ सेवा कार्यों में लगे रहते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि नीलकंठ महादेव सेवा समिति केवल सावन माह तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे वर्ष कांवरियों और श्रद्धालुओं की सेवा के लिए संकल्पित है। इसी क्रम में कांवरिया पथ पर एक भव्य धर्मशाला के निर्माण की योजना पर कार्य तेजी से चल रहा है, जो शीघ्र ही पूर्ण होगी।
कार्यक्रम के दौरान समिति के सेवा कार्यों में सहयोग करने वाले शिव भक्तों और समाजसेवियों को अंगवस्त्र एवं मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त कर सभी सहयोगकर्ताओं ने गौरव की अनुभूति करते हुए भविष्य में भी समिति के साथ जुड़कर सेवा कार्य को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं ने नीलकंठ महादेव सेवा समिति द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल धार्मिक आस्था सुदृढ़ होती है, बल्कि समाज में आपसी भाईचारा और समरसता भी मजबूत होती है। श्रद्धालुओं ने समिति के प्रयासों को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
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