पटना में ‘रक्तकरवी’ का प्रभावशाली मंचन, नंदनी बनीं रत्ना पाल

पटना में ‘रक्तकरवी’ का प्रभावशाली मंचन, नंदनी बनीं रत्ना पाल

पटना। रवीन्द्रनाथ ठाकुर की कालजयी कृति ‘रक्तकरवी’ का सशक्त और प्रभावशाली नाट्य मंचन 28 दिसंबर 2025, रविवार की संध्या 6:30 बजे रवीन्द्र भवन, पटना में किया गया। आयोजन रवीन्द्र परिषद, पटना के तत्वावधान में सम्पन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में कला और रंगमंच प्रेमी उपस्थित रहे।

नाटक का निर्देशन वरिष्ठ रंगकर्मी डॉ. रंजन सिंह ने किया। उनके सधे और संवेदनशील निर्देशन में ‘रक्तकरवी’ ने दर्शकों को शुरू से अंत तक बांधे रखा। मंच पर प्रस्तुत प्रत्येक दृश्य ने शोषण, सत्ता और मानवीय स्वतंत्रता जैसे गहरे विषयों को प्रभावी ढंग से उकेरा, जो आज के सामाजिक परिदृश्य में भी पूरी तरह प्रासंगिक प्रतीत हुए।

नाटक में नंदनी की केंद्रीय भूमिका में श्रीमती रत्ना पाल का अभिनय विशेष रूप से सराहनीय रहा। पश्चिम बंगाल राज्य सम्मान से सम्मानित रत्ना पाल ने अपने अनुभव, भावपूर्ण अभिव्यक्ति और सशक्त संवाद अदायगी के माध्यम से नंदनी के चरित्र को मंच पर जीवंत कर दिया। उनके अभिनय को दर्शकों ने बार-बार तालियों से सराहा।

उल्लेखनीय है कि रत्ना पाल पूर्व में संस्कृति दल के साथ चीन में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और महामहिम राष्ट्रपति के समक्ष रवीन्द्र नृत्य की प्रस्तुति देकर भारतीय सांस्कृतिक परंपरा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित कर चुकी हैं। उनके इसी समृद्ध अनुभव की झलक ‘रक्तकरवी’ के मंचन में भी स्पष्ट रूप से देखने को मिली।

कुल मिलाकर, रवीन्द्र भवन में हुआ ‘रक्तकरवी’ का यह मंचन न केवल साहित्य और रंगमंच के प्रेमियों के लिए एक यादगार अनुभव रहा, बल्कि समकालीन समाज के लिए भी एक सशक्त संदेश छोड़ गया।

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BIHAR - JHARKHAND