यात्रियों के लिए खुशखबरी, IRCTC कराएगा 7 ज्योतिर्लिंगों का दर्शन…
पटना। यदि आप बिहार के निवासी हैं और भारत में स्थित ज्योतिर्लिंगों का दर्शन करना चाहते हैं, तो भारतीय रेलवे आपके लिए एक शानदार अवसर लेकर आई है। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड (IRCTC) ने शिरडी सहित 7 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के लिए एक विशेष भारत गौरव पर्यटन ट्रेन शुरू करने की घोषणा की है। यह यात्रा 10 रात और 11 दिन की होगी और 09 जुलाई से शुरू होगी। इस ट्रेन में कुल 780 सीटें उपलब्ध हैं, जिनमें 660 सीटें स्लिपर क्लास और 120 सीटें थर्ड एसी क्लास में हैं।
यात्रा का किराया:
इस विशेष यात्रा के लिए किराया निम्नलिखित प्रकार से हो सकता है:
- स्लीपर क्लास:
- प्रति व्यक्ति लगभग 20899 तक हो सकता है।
- 3AC क्लास:
- प्रति व्यक्ति लगभग 35795 तक हो सकता है।
किराए में शामिल सेवाएं:
- यात्रा के दौरान सभी स्थानों पर ठहरने की व्यवस्था।
- सभी स्थलों पर दर्शन और स्थानीय यात्रा के लिए बस सेवा।
- भोजन: नाश्ता, दोपहर का भोजन, और रात का भोजन।
बुकिंग और जानकारी:
इच्छुक पर्यटक इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन के आधिकारिक वेबसाइट www.irctctourism.com पर जाकर टिकट बुक कर सकते हैं या फिर IRCTC के क्षेत्रीय कार्यालय जो की बिस्कोमान टावर (चौथा तल्ला ) पर आकर
भी बुकिंग करवा सकते हैं। फिलहाल बुकिंग चल रही है इसके बारे मे विशेष जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 8595937731, 8595937732 पर संपर्क करें. IRCTC के तरफ से आफर दिया गया है। अगर आप दस लोगों की ग्रुप में बुकिंग करते है तो प्रति व्यक्ति 500 रूपए का डिस्काउंट मिलेगा।

ट्रेन निम्नलिखित स्थानों पर तीर्थ यात्रियों को सवार करने के लिए रुकेगी:
- आरा
- बक्सर
- पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्टेशन
यात्रा के दौरान यात्री निम्नलिखित पवित्र स्थलों का दर्शन करेंगे:
- उज्जैन:
- श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग
- श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग
- द्वारका:
- श्री नागेश्वर ज्योतिर्लिंग
- श्री द्वारिकाधीश मंदिर
- सोमनाथ:
- श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग
- शिरडी:
- साईं बाबा का दर्शन
- नासिक:
- श्री त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग
- शनि शिंगनापुर मंदिर
यह यात्रा 19 जुलाई को समाप्त होगी, जब ट्रेन वापस पाटलिपुत्र स्टेशन पहुंचेगी। इस विशेष ट्रेन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को एक ही यात्रा में महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों के दर्शन कराने का है, जिससे वे अपनी आस्था को सुदृढ़ कर सकें और आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त कर सकें।
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