मनोज सिंह बने यूपी राज्य का नए मुख्य सचिव
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव के तहत, मनोज सिंह को राज्य का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। 1988 बैच के आईएएस अधिकारी मनोज सिंह इससे पहले कृषि उत्पादन आयुक्त, अवस्थापना और औद्योगिक विकास आयुक्त के पद पर कार्यरत थे। उन्हें रविवार दोपहर को अपने नए पद का कार्यभार सौंपा जाएगा। मनोज सिंह की नियुक्ति को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्णय का परिणाम माना जा रहा है, क्योंकि सिंह मुख्यमंत्री के सबसे भरोसेमंद अधिकारियों में से एक माने जाते हैं। उनकी सेवानिवृत्ति जुलाई 2025 में होने की संभावना है। मुख्य सचिव के पद के साथ ही उन्हें आईआईडीसी (Infrastructure and Industrial Development Commissioner) का अतिरिक्त चार्ज भी दिया गया है। इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं।
प्रशासनिक सेवा में अनुभव
मनोज कुमार सिंह का प्रशासनिक करियर बेहद प्रतिष्ठित और व्यापक रहा है। वे झारखंड की राजधानी रांची के निवासी हैं और अपनी सेवा के दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों में डीएम के रूप में कार्य किया है। इनमें ललितपुर, पीलीभीत, गौतमबुद्ध नगर, और मुरादाबाद जैसे जिले शामिल हैं। इसके अलावा, वे मुरादाबाद के मंडायुक्त भी रहे हैं।
राज्य और केंद्र सरकार में भूमिका
मनोज कुमार सिंह ने राज्य स्तर पर ग्राम्य विकास, पंचायती राज, और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में अपर मुख्य सचिव के रूप में भी सेवाएं दी हैं। केंद्र सरकार में उन्होंने वन एवं पर्यावरण मंत्रालय में संयुक्त सचिव के रूप में भी कार्य किया है। उनके इस व्यापक अनुभव के कारण उन्हें मुख्य सचिव के पद पर नियुक्ति दी गई है। मनोज सिंह की मुख्य सचिव पद पर नियुक्ति राज्य प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय है। उनके अनुभव और योग्यता के आधार पर उनसे उम्मीद की जा रही है कि वे उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाएंगे और राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उनके नेतृत्व में राज्य की विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं को नए आयाम मिलेंगे। यह नियुक्ति राज्य की प्रशासनिक दक्षता को और मजबूत करेगी और प्रदेश के विकास की दिशा में नए अवसरों का सृजन करेगी। मनोज सिंह की इस नई भूमिका के लिए उन्हें बधाई और शुभकामनाएँ।
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