सीतामढ़ी में लूट का विरोध करने भतीजा ने चाचा दुकानदार और उसकी 8 साल की भतीजी को गोली मारी, मासूम की मौत
सीतामढ़ी | बिहार के सीतामढ़ी जिले में बेला गांव के श्रीरामपुर चौक पर गुरुवार की मध्यरात्रि एक दिल दहला देने वाली घटना घटी। अपराधियों ने लूटपाट के दौरान एक 8 वर्षीय मासूम बच्ची और उसके चाचा को गोली मार दी। इस घटना में बच्ची की मौत हो गई जबकि उसके चाचा की हालत गंभीर बताई जा रही है। यह घटना भारत-नेपाल सीमा से सटे इस इलाके में अपराध के बढ़ते खतरे की ओर इशारा करती है। घटना की शुरुआत उस समय हुई जब रात के अंधेरे में संतोष साह, जो कि श्रीरामपुर चौक स्थित एक दुकान के मालिक हैं, अपनी दुकान में सो रहे थे। उनके साथ उनकी पत्नी और भतीजी साक्षी कुमारी भी वहीं मौजूद थीं। इस दौरान, संतोष का भतीजा दीपक कुमार और उसके तीन साथी दुकान में घुस गए। दीपक, जो गांव में नशीली दवाओं और शराब के अवैध कारोबार से जुड़ा है, ने संतोष के गले से सोने का पेंडेंट लूटने की कोशिश की। जब संतोष ने इसका विरोध किया, तो दीपक ने बिना किसी हिचकिचाहट के संतोष के मुंह में गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर बच्ची साक्षी जाग गई और उसने शोर मचाने की कोशिश की। अपनी हरकतों को छुपाने के प्रयास में दीपक ने निर्दयता से साक्षी को भी गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद, अपराधियों ने संतोष की पत्नी को भी बेरहमी से पीटा और उनके गले से 30 ग्राम सोने का जेवर छीन लिया।
इलाके में फैली दहशत
इस बर्बर घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। स्थानीय लोग भयभीत हैं और पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगा रहे हैं। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए सीतामढ़ी सदर अस्पताल भेज दिया गया है, जबकि गंभीर रूप से घायल संतोष साह का इलाज सीतामढ़ी के एक निजी नर्सिंग होम में चल रहा है।
पारिवारिक रिश्तों की मर्यादा तार-तार
इस हत्याकांड ने पारिवारिक रिश्तों की मर्यादा को भी तार-तार कर दिया है। जहां भतीजा ने अपने ही चाचा और मासूम भतीजी की जान का दुश्मन बन गया, वह समाज के लिए एक चेतावनी है। पुलिस ने दीपक और उसके साथियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उन्हें पकड़ने के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस घटना ने सीतामढ़ी में कानून व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में अपराधी तत्वों का बोलबाला है, और पुलिस प्रशासन उन्हें रोकने में नाकाम साबित हो रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस घटना के दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ने और उन्हें कड़ी सजा देने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हो।
समाज के लिए संदेश
यह घटना एक दर्दनाक याद दिलाती है कि समाज में बढ़ते अपराध और नैतिक पतन का परिणाम क्या हो सकता है। जहां एक ओर रिश्तों की गरिमा खत्म हो रही है, वहीं दूसरी ओर अपराध की चपेट में आकर मासूम जिंदगीयों की बलि चढ़ रही है। इस दुखद घटना ने सीतामढ़ी को शोक में डुबो दिया है और लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर कब तक इस तरह की घटनाओं का सामना करना पड़ेगा।
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