उत्तराखंड के सरकारी भवनों में लगेंगे सोलर पावर प्लांट: 2026 तक 250 मेगावाट की क्षमता का लक्ष्य

 उत्तराखंड के सरकारी भवनों में लगेंगे सोलर पावर प्लांट: 2026 तक 250 मेगावाट की क्षमता का लक्ष्य

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं का लोकार्पण और शुभारंभ किया। उरेडा (उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण) द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं को संबोधित करते हुए।

मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सौर स्वरोजगार योजना के 47 लाभार्थियों को परियोजना आवंटन पत्र सौंपे। इसके अलावा, 4 लाभार्थियों को पी.एम. सूर्यघर योजना के अंतर्गत राज्य अनुदान के चेक भी प्रदान किए गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा, "नवीकरणीय ऊर्जा का महत्व पूरे देश में तेजी से बढ़ रहा है और उत्तराखंड में सौर ऊर्जा और जल विद्युत के क्षेत्र में काफी संभावनाएं हैं।"

नई सौर ऊर्जा नीति और 2026 का लक्ष्य

राज्य सरकार ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए एक नई सौर ऊर्जा नीति बनाई है, जिसके अंतर्गत 2026 तक सभी शासकीय भवनों पर सोलर पावर प्लांट स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 100 करोड़ रुपये की धनराशि का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि रूफटॉप सोलर प्लांट को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा 70 प्रतिशत की सब्सिडी दी जा रही है।

मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के लाभ

मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत अब तक 750 विकासकर्ताओं को 133 मेगावाट क्षमता के सोलर पावर प्लांट आवंटित किए जा चुके हैं। इस योजना के माध्यम से 2026 तक 250 मेगावाट की क्षमता वाले सोलर पावर प्लांट की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा, "राज्य में सौर ऊर्जा को तेजी से बढ़ावा देने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे।"

नवीकरणीय ऊर्जा के महत्व पर जोर

मुख्यमंत्री ने नवीकरणीय ऊर्जा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह पारंपरिक जीवाश्म आधारित ईंधन के एक बेहतर विकल्प के रूप में उभर रही है। उत्तराखंड में सौर ऊर्जा और जल विद्युत के क्षेत्र में संभावनाएं अत्यधिक हैं और राज्य सरकार इन संसाधनों का पूरा उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।

समग्र विकास के लिए उठाया कदम

इस योजना से राज्य में ऊर्जा सुरक्षा में वृद्धि होगी और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। सरकार की इस पहल से राज्य की आर्थिक स्थिति में भी सुधार की उम्मीद है, क्योंकि सोलर पावर प्लांट की स्थापना से न केवल ऊर्जा की लागत में कमी आएगी, बल्कि यह राज्य के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। मुख्यमंत्री धामी की इस पहल से उत्तराखंड में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरुआत हो सकती है। यह राज्य को ऊर्जा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने और पर्यावरण के अनुकूल विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

 
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साकेत कुमार, BJMC 

उप-सम्पादक

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