केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा, बिहार को नहीं मिलेगा विशेष राज्य का दर्जा
पटना। बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग पर नीतीश सरकार को केंद्र से करारा झटका लगा है। केंद्र ने साफ कर दिया है कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिल सकता। जदयू सांसद रामप्रीत मंडल के सवाल पर केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार को संसद में यह जवाब दिया। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने संसद में बताया कि विशेष राज्य का दर्जा देने के लिए नेशनल डेवलपमेंट काउंसिल द्वारा निर्धारित कुछ पैमाने हैं। इसमें पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्र, कम जनसंख्या, आदिवासी इलाका, अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर, प्रति व्यक्ति आय, और कम राजस्व जैसे मानदंड शामिल हैं। इन मानदंडों के अनुसार, बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देना संभव नहीं है।
पिछली सरकार का रुख
2012 में यूपीए सरकार ने बिहार की मांग पर विचार करने के लिए मंत्रियों के एक समूह का गठन किया था। इस समूह की रिपोर्ट में भी यही कहा गया था कि नेशनल डेवलपमेंट काउंसिल के क्राइटेरिया के तहत बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देना संभव नहीं है। इसी आधार पर, केंद्र सरकार ने एक बार फिर बिहार की मांग को खारिज कर दिया है।
लालू प्रसाद यादव का तीखा प्रहार
रूटीन चेकअप के लिए दिल्ली पहुंचे राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने इस मुद्दे पर नीतीश कुमार से इस्तीफा मांगा है। लालू ने कहा, "नीतीश ने कहा था कि वह बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाएंगे। अब जब यह मांग खारिज हो गई है, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।"
ऑल पार्टी मीटिंग में विशेष राज्य का दर्जा
संसद के मानसून सत्र के पहले रविवार को ऑल पार्टी मीटिंग हुई थी। इसमें भी जदयू के राज्यसभा सांसद संजय झा ने इस मुद्दे को मजबूती से उठाया था। उन्होंने कहा था कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा हमारी पार्टी की शुरू से मांग है। अगर तकनीकी तौर पर इसमें कोई समस्या है, तो बिहार को विशेष पैकेज जरूर मिले।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और भविष्य की दिशा
बिहार को विशेष राज्य का दर्जा न मिलने पर राज्य की राजनीतिक गलियों में हलचल मच गई है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर लगातार हमले कर रहा है। लालू प्रसाद यादव के बयान के बाद यह मामला और भी गरमा गया है। वहीं, नीतीश कुमार और उनकी पार्टी जदयू के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन गई है। बिहार को विशेष राज्य का दर्जा न मिलने से राज्य की राजनीतिक स्थिति में उथल-पुथल मच गई है। केंद्र सरकार के जवाब ने राज्य सरकार के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। इस मुद्दे पर विपक्ष की तीखी प्रतिक्रियाओं और जनता की अपेक्षाओं के बीच, बिहार की राजनीतिक दिशा क्या होगी, यह देखना दिलचस्प होगा।
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