झारखंड: हेमंत सोरेन ने चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, 24 साल में प्रदेश ने देखे 14 मुख्यमंत्री
रांची। हेमंत सोरेन ने गुरुवार को झारखंड के 14वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर इंडिया गठबंधन की एकजुटता साफ दिखाई दी। शपथ ग्रहण समारोह में विभिन्न विपक्षी दलों के बड़े नेता शामिल हुए, जिससे यह आयोजन राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बन गया।
परिवार का आशीर्वाद और राजनीतिक समर्थन
शपथ ग्रहण से पहले हेमंत सोरेन ने अपने पिता और झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन और मां रूपी सोरेन से आशीर्वाद लिया। कार्यक्रम में लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया समेत कई प्रमुख नेता शामिल हुए। कार्यक्रम में झारखंड कांग्रेस प्रभारी गुलाम अहमद मीर, कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार, माकपा माले के महासचिव दीरांकर भट्टाचार्य, राजद के प्रदेश प्रभारी जयप्रकाश नारायण और कांग्रेस नेत्री सुप्रिया श्रीनेत भी उपस्थित रहीं।
झारखंड की राजनीतिक यात्रा: 24 साल, 14 मुख्यमंत्री
हेमंत सोरेन ने झारखंड के 14वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। राज्य ने 24 साल के सफर में अब तक 14 मुख्यमंत्री देखे हैं। यह अवधि राजनीतिक अस्थिरता से भरी रही, जिसमें 2009-2013 के बीच तीन बार राष्ट्रपति शासन भी लगाया गया। शिबू सोरेन झारखंड के सबसे कम अवधि के मुख्यमंत्री रहे, जिनका कार्यकाल मात्र 10 दिनों का था। वहीं, निर्दलीय मधु कोड़ा ने भी मुख्यमंत्री पद संभाला, जो अपने आप में एक अनोखा राजनीतिक अनुभव था।
हेमंत सोरेन: चौथी बार मुख्यमंत्री
हेमंत सोरेन ने पहली बार 13 जुलाई 2013 को मुख्यमंत्री पद संभाला और 28 दिसंबर 2014 तक इस पद पर रहे। दूसरी बार वे 29 दिसंबर 2019 को मुख्यमंत्री बने और 2 फरवरी 2024 तक इस पद पर रहे। उनकी गिरफ्तारी के बाद चंपाई सोरेन ने 2 फरवरी से 4 जुलाई 2024 तक मुख्यमंत्री पद संभाला। चंपाई सोरेन का कार्यकाल 153 दिनों का था। इसके बाद हेमंत सोरेन ने 4 जुलाई 2024 को तीसरी बार मुख्यमंत्री पद संभाला और 28 नवंबर तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री के तौर पर बने रहे। अब 28 नवंबर को उन्होंने औपचारिक रूप से 14वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।
About The Author
