राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारी: न्यायिक पदाधिकारियों के साथ अहम बैठक, जनता के लिए विशेष अपील
औरंगाबाद। 14 सितम्बर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर औरंगाबाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष अशोक राज ने अपने प्रकोष्ठ में सभी न्यायिक पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य लोक अदालत की तैयारियों को अंतिम रूप देना और अधिक से अधिक मामलों के समाधान के लिए नागरिकों को प्रेरित करना था बैठक में न्यायाधीश अशोक राज ने शीघ्र वादों को चिह्नित करने और उनकी सूची जिला विधिक सेवा प्राधिकार को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों को प्रि-काउंसिलिंग प्रक्रिया को जोर-शोर से अपनाने का निर्देश दिया ताकि अधिक से अधिक पक्षकार अपने मामलों का निपटारा राष्ट्रीय लोक अदालत में करा सकें। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रि-काउंसिलिंग के दौरान सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाकर रखें ताकि पक्षकारों को अपने मामले सुलझाने में संतोष मिले।
ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार
जिला जज ने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन के बारे में जानकारी ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों में भी पहुंचनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सोशल मीडिया, प्रेस, और अन्य मीडिया माध्यमों का अधिकतम उपयोग करने का निर्देश दिया ताकि अधिक से अधिक लोग अपने मामलों का निपटारा कराने के लिए प्रेरित हो सकें।
आम जनता से विशेष अपील
जिला जज ने जिले के आम नागरिकों से अपील की कि वे राष्ट्रीय लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपने मामलों का निस्तारण कराएं। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी पक्षकार को किसी प्रकार की समस्या होती है, तो वे जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कार्यालय या सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं।
बैठक में उपस्थित प्रमुख न्यायिक अधिकारी
इस बैठक में प्रमुख न्यायिक अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया, जिनमें परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश सत्य भूषण आर्या, अपर जिला और सत्र न्यायाधीश पंकज मिश्रा, धनन्जय कुमार मिश्रा, सुनील कुमार सिंह, विशेष न्यायाधीश उत्पाद धनंजय सिंह, नीतीश कुमार, लक्ष्मीकांत मिश्रा, निशित दयाल, आनन्द भूषण, सौरभ सिंह और मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी माधवी सिंह शामिल थे। साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सुकुल राम भी मौजूद रहे। यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य वादों का शीघ्र और सौहार्दपूर्ण समाधान करना है, जो न केवल न्यायिक व्यवस्था पर बोझ कम करेगा बल्कि आम जनता को त्वरित न्याय प्राप्त करने में भी मदद करेगा।
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