NEET एग्जाम विवाद पर केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कहा ,परीक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए हाई लेवल कमेटी गठित
नई दिल्ली। NEET एग्जाम विवाद पर केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि NEET परीक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और परीक्षा को पूरी तरह से त्रुटिरहित बनाने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। इस दिशा में, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी, जो परीक्षा प्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए सिफारिशें देगी। शिक्षामंत्री प्रधान ने कहा, "हम NEET परीक्षा के संबंध में बिहार सरकार के साथ लगातार संपर्क में हैं और हमें पटना से कुछ महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। पटना पुलिस के पास भी कुछ महत्वपूर्ण सुराग हैं, जिनकी विस्तृत रिपोर्ट जल्द ही भारत सरकार को भेजी जाएगी।"प्रधान ने यह भी कहा कि जो भी दोषी पाया जाएगा, चाहे वह NTA हो या NTA से जुड़ा कोई अधिकारी, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी सूचित किया कि सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन करेगी।
सुप्रीम कोर्ट में NEET परीक्षा रद्द करने की याचिकाओं पर सुनवाई जारी
इससे पहले, 11 जून को सुप्रीम कोर्ट ने NEET परीक्षा रद्द करने की अपील को खारिज कर दिया था। आज भी सुप्रीम कोर्ट में परीक्षा रद्द करने की मांग वाली नई याचिका पर सुनवाई हुई। यह याचिका 49 छात्रों और स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने दायर की थी। अगली सुनवाई 8 जुलाई को होगी। याचिकाकर्ताओं ने परीक्षा में 620 से ज्यादा स्कोर वाले छात्रों का बैकग्राउंड चेक करने और फोरेंसिक जांच की मांग की है। साथ ही, पेपर लीक के आरोप की CBI जांच की भी मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान, कलकत्ता और बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर याचिकाओं को भी क्लब कर दिया है और इन पर 8 जुलाई को सुनवाई होगी।
काउंसलिंग पर रोक लगाने की मांग भी खारिज
9 दिन पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने NEET काउंसलिंग पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने परीक्षा कराने वाली संस्था NTA को नोटिस जारी करते हुए कहा कि NEET UG की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है और इसका जवाब मांगा है।इस याचिका को छात्रों शिवांगी मिश्रा और 9 अन्य ने 1 जून को दायर किया था, जिसमें बिहार और राजस्थान के परीक्षा केंद्रों पर गलत प्रश्नपत्र बांटने की शिकायत की गई थी और परीक्षा को रद्द कर SIT जांच की मांग की गई थी।
निष्कर्ष
केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान की घोषणाओं से स्पष्ट है कि सरकार NEET परीक्षा की शुद्धता और पारदर्शिता को सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठा रही है। उच्च स्तरीय समिति का गठन और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आश्वासन से छात्रों और उनके अभिभावकों को एक सकारात्मक संदेश मिला है। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और उच्च न्यायालयों में याचिकाओं का क्लबिंग भी यह दर्शाता है कि न्यायिक प्रणाली इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है।
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