झारखंड विधानसभा में सीएम चंपई सोरेन का फ्लोर टेस्ट आज , विधानसभा के विशेष सत्र में साबित करेंगे बहुमत
झारखंड{रांची}। झारखंड में आज से दो दिवसीय विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। सत्र के पहले दिन सदन में फ्लोर टेस्ट होगा, जिसमें मुख्यमंत्री चंपई सोरेन अपना बहुमत साबित करेंगे। बहुमत साबित करने को लेकर सत्ता पक्ष फुल प्रूफ रणनीति तैयार कर चुका है। जेएमएम ने दावा किया है कि उनके पास 47 विधायकों का समर्थन है। इधर बीजेपी ने कहा कि चंपई सरकार फ्लोर टेस्ट में भले पास हो जाए लेकिन जनता की नजरों में वो असफल रहेंगे। सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी। फ्लोर टेस्ट में शामिल होने के लिए महागठबंधन के सभी विधायक रविवार देर शाम हैदराबाद से रांची वापस आ गए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी फ्लोर टेस्ट के दौरान सदन में मौजूद रहेंगे। हेमंत सोरेन फ्लोर टेस्ट के दौरान हेमंत सत्ता पक्ष की ओर से अगली पंक्ति में बैठेंगे। उनका स्थान विधानसभा सचिवालय ने निर्धारित कर दिया है। वह पूर्व मंत्री जोबा मांझी के बगल में बैठे दिखेंगे।
तीन दिनों से हैदराबाद के रिजॉर्ट में थे विधायक
दरअसल, जेएमएम नीत गठबंधन के करीब 40 विधायक दो फरवरी को दो उड़ानों से हैदराबाद पहुंचे थे। आशंका जताई गई थी कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) चंपई सोरेन के नेतृत्व वाली नई सरकार के विश्वास मत से पहले विधायकों की खरीद-फरोख्त की कोशिश कर सकती है। अब विधानसभा में विश्वास मत से एक दिन पहले रविवार को रांची के लिए रवाना हुए और देर रात राज्य की राजधानी पहुंचे। विधायक पिछले तीन दिनों से यहां एक रिजॉर्ट में ठहरे हुए थे।
ये है झारखंड विधानसभा का गणित
81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए चंपई सोरेन को 41 विधायकों का समर्थन हासिल करना होगा। वहीं सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार का दावा है कि उसके पास 46 विधायकों से ज्यादा का समर्थन है। बता दें कि झारखंड विधानसभा की 81 सीटों में एक सीट रिक्त है। ऐसे में 80 सीटों के लिए बहुमत का आंकड़ा 41 है।
कौन हैं चंपई सोरेन?
चंपई सोरेन झारखंड विधानसभा के सदस्य हैं। वर्तमान में वह झारखंड मुक्ति मोर्चा पार्टी से सरायकेला विधानसभा सीट से विधायक हैं। कैबिनेट मंत्री के रूप वह हेमंत सोरेन सरकार में परिवहन, अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
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