नीट पेपर लीक केस: सीबीआई की टीम पटना पहुंची, विस्तृत जांच शुरू

नीट पेपर लीक केस: सीबीआई की टीम पटना पहुंची, विस्तृत जांच शुरू

पटना। नीट पेपर लीक मामले की जांच का जिम्मा अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपा गया है। सीबीआई की टीम इस सिलसिले में पटना पहुंच चुकी है। सूत्रों के अनुसार, सीबीआई के दो अधिकारी पटना में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के कार्यालय में पहुंचे हैं। इसके साथ ही शास्त्री नगर की पुलिस भी EOU कार्यालय में मौजूद है। सीबीआई की टीम अब EOU से मामले की पूरी जानकारी हासिल करेगी और आगे की जांच प्रक्रिया को गति देगी।

आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की रिपोर्ट का खुलासा

बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने नीट-यूजी पेपर लीक मामले की एक विस्तृत रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंप दी है। इस रिपोर्ट के अनुसार, 5 मई को परीक्षा केंद्र पहुंचने से पहले ही बिहार और झारखंड के लगभग 100 अभ्यर्थियों को नीट का पेपर मिल चुका था। परीक्षा माफियाओं ने पटना के खेमनीचक स्थित 'लर्न एंड प्ले' स्कूल, बाईपास के पास एक होटल, और झारखंड के कुछ अन्य शहरों में अभ्यर्थियों को प्रश्न और उत्तर रटवाए थे। इसके बाद, इन अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुँचाने का जिम्मा भी माफियाओं ने ही उठाया था।

तकनीकी समस्याएं और समय की कमी

EOU की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि प्रश्न और उत्तर के प्रिंट आउट निकालने के दौरान वाईफाई और प्रिंटर खराब हो गए थे, जिससे सभी छात्रों को समय पर प्रिंट आउट नहीं मिल पाए। इस कारण छात्रों को प्रश्न और उत्तर रटने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाया। इसके बावजूद, जले हुए प्रश्नों का मिलान मूल प्रश्नपत्र से कर लिया गया है और एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लैब) की रिपोर्ट के बाद इसकी पुष्टि होगी।

पेपर लीक की सीमाएं और एजेंसी की जिम्मेदारी

शिक्षा मंत्रालय ने शनिवार देर रात बिहार पुलिस से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर इस केस को सीबीआई को सौंपा है। मंत्रालय ने पुष्टि की है कि पेपर लीक पटना, नालंदा और वैशाली तक ही सीमित रहा है। हालांकि, पूरे मामले की विस्तृत जांच के लिए सीबीआई को जिम्मेदारी दी गई है ताकि अन्य संभावित लिंक और माफियाओं को भी बेनकाब किया जा सके।

परीक्षा माफिया और साइबर अपराधियों का नेटवर्क

सूत्रों के अनुसार, इस लीक को अंजाम देने में परीक्षा माफिया और साइबर अपराधियों का हाथ था। बिहार पुलिस ने इस पूरी चेन का खुलासा किया है। झारखंड के देवघर से हाल ही में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में चिंटू, मुकेश, पंकु, परमजीत, और राजीव कुमार शामिल हैं। चिंटू इस लीक कांड के मुख्य सरगना संजीव मुखिया का रिश्तेदार है। ये सभी व्यक्ति परीक्षा माफिया और साइबर अपराधी हैं।

गिरफ्तारी और पूछताछ

बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई के अनुसार, चिंटू के वॉट्सऐप पर 5 मई की अल सुबह नीट यूजी का प्रश्न पत्र उत्तर के साथ पीडीएफ फाइल में पहुंचा था। इसके बाद, खेमनीचक स्थित 'लर्न एंड प्ले' स्कूल के वाईफाई प्रिंटर से प्रश्न पत्र के प्रिंट आउट लिए गए और छात्रों को रटवाए गए।

इस मामले में आगे की जांच के लिए सीबीआई की टीम अब सभी दस्तावेज और सबूतों को खंगाल रही है। उम्मीद है कि सीबीआई की इस व्यापक जांच से नीट पेपर लीक के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकेगा और दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी।

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साकेत कुमार, BJMC 

उप-सम्पादक

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