महाकुंभ में फेक वेबसाइट्स से धोखाधड़ी: बिहार पुलिस की चेतावनी
पटना। महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या का फायदा उठाने के लिए साइबर अपराधियों ने फर्जी वेबसाइट्स और बुकिंग प्लेटफॉर्म के जरिए ठगी शुरू कर दी है। श्रद्धालुओं को ठहरने के लिए सस्ते दामों में होटल, धर्मशाला, और टेंट सिटी के कॉटेज की बुकिंग का लालच दिया जा रहा है।
कैसे हो रही है ठगी?
साइबर अपराधी नकली वेबसाइट्स बनाकर श्रद्धालुओं से एडवांस बुकिंग के नाम पर पैसे ऐंठ रहे हैं। ये वेबसाइट्स असली जैसी दिखती हैं, और सस्ते पैकेज का झांसा देकर लोगों को अपने जाल में फंसा रही हैं।
ठगी से बचने के उपाय
- ऑफिशियल वेबसाइट से बुकिंग करें: प्रयागराज मेला प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश सरकार ने रजिस्टर्ड होटलों और गेस्ट हाउसों की लिस्ट जारी की है। इनकी जानकारी प्रयागराज की ऑफिशियल वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध है।
- असली नंबर का उपयोग करें: केवल रजिस्टर्ड होटलों के दिए गए कॉन्टैक्ट नंबर से ही बुकिंग करें।
- सस्ती बुकिंग के लालच में न आएं: बेहद कम कीमतों वाले ऑफर्स से बचें।
- वेबसाइट की जांच करें: असली और फर्जी वेबसाइट की पहचान के लिए यूआरएल को ध्यान से जांचें।
ठगी का शिकार होने पर क्या करें?
- हेल्पलाइन नंबर:
- प्रयागराज मेला प्राधिकरण हेल्पलाइन: 1920
- साइबर क्राइम हेल्पलाइन: 1930
- ऑनलाइन शिकायत: www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
- स्थानीय पुलिस से संपर्क करें: फर्जीवाड़े की जानकारी पुलिस को दें।
पुलिस की एडवाइजरी
उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक वीडियो जारी कर लोगों को सतर्क किया है। वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे एक परिवार फर्जी वेबसाइट के जरिए बुकिंग करता है और ठगी का शिकार हो जाता है।
श्रद्धालुओं के लिए सुझाव
- प्रयागराज में होटल बुक करने से पहले सावधानी बरतें।
- फर्जी वेबसाइट्स और अनधिकृत बुकिंग एजेंसियों से बचें।
- किसी भी समस्या के लिए जारी किए गए हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें।
महाकुंभ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। ऐसे में साइबर फ्रॉड से बचने के लिए सतर्कता और सावधानी जरूरी है।
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