पारा विधिक स्वयं सेवकों का प्रशिक्षण दुसरे दिन भी जारी : सचिव
औरंगाबाद। जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री कृष्ण मुरारी शरण द्बारा अनुमति प्रदान किये जाने के उपरान्त आज दुसरे दिन भी पारा विधिक स्वयं सेवकों का प्रशिक्षण जारी रहा, चार दिवसीय प्रशिक्षण का दूसरा दिन है, प्रशिक्षण कार्यक्रम विधिक सेवा सदन के सभागार में आयोजित किया जा रहा है, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह प्राधिकार के सचिव प्रणव शंकर द्बारा बताया गया की प्रशिक्षण का उदेश्य पारा विधिक स्वयं सेवको को प्रत्येक बिभाग के कार्यो का जानकारी उपलब्ध कराना है जिससे की क्षेत्र में कार्य के दौरान लोगो को बेहतर सेवा दिया जा सके। अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी एवं प्राधिकार के पूर्व सचिव श्री सिद्धार्थ पाण्डेय ने सर्वप्रथम आज प्रशिक्षण की शुरुआत की जिन्होंने अर्ध विधिक स्वयं सेवको को उनके कार्य, दायित्व उदेश्य के साथ साथ प्राधिकार के बारे में विस्तृत जानकरी दिया और प्रशिक्षित किया। आपराधिक कानून एवं उसमें पारा विधिक स्वयं सेवकों का दायित्व, कर्तव्य विषय पर पैनेल अधिवक्ता ने प्रशिक्षण दिया। उन्होंने पारा विधिक स्वयं सेवकों को आपराधिक विधि के सम्बन्ध में विस्तार से बताते हुए भारतीय दण्ड विधान तथा भारतीय दण्ड प्रक्रिया संहित की महत्वपूर्ण धाराओं के बारे में पारा विधिक स्वयं सेवकों को बताया जिसमें संज्ञेय एवं असंज्ञेय अपराध, जमानत, द०प्र०सं० की धारा 41 का लाभ, गिरफ्तारी भरण पोषण से सम्बंधित विधि, पोक्सो अधिनियम से सम्बंधित विधि तथा अन्य अपराधिक विधिओं की जानकारी और अर्धविधिक स्वयं सेवकों को अपराधिक विधियों के क्रियान्वयन में उनके दायित्व की जानकारी पारा विधिक स्वयं सेवकों को उपलब्ध कराया और प्रशिक्षित किया। सरकार के द्बारा चलाये जा रहे कल्याणकारी योजनाओं के विषय पर जिला कल्याण पदाधिकारी मो. असलम अली ने अर्द्ध विधिक स्वयं सेवकों को प्रशिक्षत किया तथा बताया कि सरकार के द्बारा ऐसी अनेकों योजनाऐं हैं जिसका लाभ जागरूकता एवं जानकारी के अभाव में समाज को नहीं मिल पा रही है, अर्द्ध विधिक स्वयं सेवक का दायित्व है कि उन सारी योजनाओं का लाभ समाज को दिलवाने में अपनी भूमिका अदा करें उन्होंने उन सारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दिया। महिलाओं के अधिकार, घरेलू हिसा तथा उसके निदान विषय पर महिला थानाध्यक्ष उपासना सिह के द्बारा प्रशिक्षण कार्यक्रम में अर्द्ध विधिक स्वयं सेवकों को महिलाओं की सुरक्षा, उनके अधिकार, खासकर घरेलू हिसा, दहेज उत्पीड़न तथा महिलाओं से जुड़े साईबर अपराध के विषय में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने अर्द्ध विधिक स्वयं सेवकों को कहा कि अगर उनके नजर में ऐसे अपराध होतें है और उन्हें इसकी जानकारी होती है तो वे तत्काल उन्हें अथवा प्राधिकार को सूचना दें ताकि ससमय कार्रवाई हो सके। उन्होंने उक्त सम्बन्ध में सभी अर्द्ध विधिक स्वयं सेवकों को अपना सम्पर्क नम्बर उपलब्ध कराया। पुलिस विधि, थाना कार्य, पुलिस से सम्बन्धित अन्य विषय पर पुलिस अधीक्षक औरंगाबाद द्बारा प्रतिनियुक्त पुलिस अवर निरीक्षक शशी कुमार राणा ने अर्द्ध विधिक स्वयं सेवकों को प्रशिक्षण दिया तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम में अर्द्ध विधिक स्वयं सेवकों के द्बारा प्राथमिकी दर्ज करवाने से लेकर कई तरह के कार्यो को विस्तार से बतलायें जो समाज के लिए लाभकारी हो। बाल कल्याण, बाल अधिकार, बाल श्रम विषय पर विधिक परिविक्षा पदाधिकारी दीपक कुमार सिन्हा ने अर्द्ध विधिक स्वयं सेवकों को प्रशिक्षित किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में अर्द्ध विधिक स्वयं सेवकों बाल श्रम, बाल अपराध आदि समाज की कुरीतियों के विषय में विस्तार से बताते हुए उन्होंने बताया कि अगर पारा विधिक स्वयं सेवकों को अपने आस-पास इस तरह की घटनाऐं होने पर तत्काल सम्बन्धित प्राधिकार या विभाग के पदाधिकारियों को सूचित कर समाज से इस कुरीति को खत्म करने में अपना योगदान देना दायित्व है।
About The Author
