पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव की तारीखों का आज ऐला
शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा भारत निर्वाचन आयो
नई दिल्ली। देश के पांच राज्यों के आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर आज बड़ा फैसला सामने आने वाला है। भारत निर्वाचन आयोग रविवार शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा करेगा। सूत्रों के अनुसार पश्चिम बंगाल, असम और तमिलनाडु में दो चरणों में मतदान कराए जाने की संभावना है, जबकि केरल और पुडुचेरी में एक ही चरण में चुनाव हो सकते हैं। इन सभी राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल मई महीने में समाप्त हो रहा है। वर्ष 2021 में इन पांच राज्यों के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा 26 फरवरी को की गई थी। पिछली बार पश्चिम बंगाल में आठ चरणों में मतदान हुआ था, जबकि असम में तीन चरणों में चुनाव कराए गए थे। तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में उस समय एक ही चरण में मतदान कराया गया था।
मतदाता सूची संशोधन के बाद बड़ी संख्या में नाम हटे
चुनाव से पहले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर बदलाव किए गए हैं। सबसे ज्यादा नाम तमिलनाडु में हटाए गए हैं। चुनाव आयोग के अनुसार 27 अक्टूबर 2025 को SIR प्रक्रिया शुरू होने के समय तमिलनाडु में कुल 6,41,14,587 मतदाता पंजीकृत थे। करीब चार महीने तक चले इस अभियान में 74,07,207 नाम सूची से हटाए गए, जिसके बाद अब राज्य में 5,67,07,380 मतदाता रह गए हैं। वहीं पश्चिम बंगाल में लगभग 58 लाख, केरल में करीब 8 लाख, असम में 2 लाख और पुडुचेरी में लगभग 77 हजार मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं।
पांचों राज्यों में अलग-अलग राजनीतिक समीकरण
पश्चिम बंगाल:
राज्य में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस पिछले 14 वर्षों से सत्ता में है। मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी से माना जा रहा है। यदि टीएमसी इस बार भी जीतती है तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बन सकती हैं।
असम:
असम में पिछले 10 वर्षों से भाजपा की सरकार है और इस बार पार्टी तीसरी बार सत्ता में वापसी की तैयारी में है। यहां घुसपैठ, सीमा सुरक्षा और असमिया पहचान जैसे मुद्दे प्रमुख माने जा रहे हैं। भाजपा को चुनौती देने के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने कई दलों के साथ गठबंधन बनाया है।
तमिलनाडु:
तमिलनाडु ऐसा राज्य है जहां पिछले छह दशकों से भाजपा या कांग्रेस की सरकार नहीं बनी है। यहां मुख्य मुकाबला द्रविड़ मुनेत्र कड़गम और अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के बीच रहा है। इस बार अभिनेता विजय की पार्टी भी चुनाव मैदान में सक्रिय है।
केरल:
केरल देश का इकलौता राज्य है जहां फिलहाल वामपंथी गठबंधन की सरकार है। लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट ने 2021 में लगातार दूसरी बार सत्ता में आकर राज्य की पारंपरिक सत्ता परिवर्तन की राजनीति को तोड़ा था। यहां यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट इस बार एंटी-इनकम्बेंसी का लाभ उठाने की कोशिश करेगा।
पुडुचेरी:
पुडुचेरी में 2021 में कांग्रेस सरकार गिरने के बाद ऑल इंडिया एन.आर. कांग्रेस और भाजपा गठबंधन की सरकार बनी थी। मुख्यमंत्री एन. रंगासामी के नेतृत्व में गठबंधन सत्ता में है। इस बार कांग्रेस डीएमके के साथ मिलकर सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है।
राजनीतिक दलों की तैयारियों के बीच अब सभी की नजर चुनाव आयोग की घोषणा पर टिकी हुई है, जिससे पांचों राज्यों में चुनावी प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी।
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