बिहार में जितिया पर्व पर बड़ा हादसा: नहाने के दौरान 24 की डूबने से मौत
मुख्यमंत्री ने जताया गहरा शोक
पटना। बिहार में जितिया पर्व के दौरान स्नान करते वक्त बड़ा हादसा हुआ, जिसमें राज्य के विभिन्न जिलों से 50 से अधिक लोग तालाब और नदी में डूब गए। इनमें से 24 की मौत हो गई, जिनमें 14 मासूम बच्चे भी शामिल हैं। यह दुखद घटनाएं औरंगाबाद, कैमूर, सारण पटना और मोतिहारी जिलों से सामने आई हैं, जहां पर्व के दौरान लोग स्नान करने गए थे और पानी के तेज बहाव या गहराई में डूब गए।
औरंगाबाद में 8 बच्चों की मौत, एक की तलाश जारी
औरंगाबाद जिले में सबसे दर्दनाक हादसा हुआ, जहां दो अलग-अलग स्थानों पर 9 बच्चे नहाने के दौरान तालाब में डूब गए। इनमें से 8 बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि एक बच्चे की तलाश जारी है। पहली घटना मदनपुर प्रखंड के कुशहा गांव की है, जहां 4 बच्चे नहाने के लिए तालाब में गए थे और गहरे पानी में चले जाने के कारण डूब गए। इन बच्चों में सोनाली कुमारी (15), नीलम कुमारी (12), पंकज कुमार (8) और राखी कुमारी (15) शामिल थे। दूसरी घटना बारूण थाना क्षेत्र के इटहट गांव की है, जहां 5 बच्चे तालाब में नहाने गए थे। अंकु कुमारी (11), निशा कुमारी (10), चुलबुली कुमारी (12) और लाजो कुमारी (10) की डूबने से मौत हो गई, जबकि एक बच्चे की अभी भी तलाश की जा रही है।
पटना के बिहटा में सोन नदी में 4 लोग डूबे, एक का शव मिला
पटना जिले के बिहटा क्षेत्र में सोन नदी में 4 लोग नहाने के दौरान डूब गए। SDRF की टीम ने एक बच्ची अंजली कुमारी का शव बरामद कर लिया है, जो अमनाबाद गांव की निवासी थी। वहीं, ललिता देवी, सोनी कुमारी और तरेगनी कुमारी की तलाश अभी भी जारी है। प्रशासन ने राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं और स्थानीय लोग भी बचाव कार्य में मदद कर रहे हैं।
मोतिहारी में मां-बेटी समेत 5 लोगों की डूबने से मौत
मोतिहारी जिले में भी जितिया पर्व के दौरान स्नान करते समय हुई घटनाओं में 5 लोगों की डूबने से मौत हो गई। इनमें एक मां और उसकी बेटी भी शामिल हैं। प्रशासन और राहत दल सभी घटनाओं में लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं, ताकि जल्द से जल्द राहत पहुंचाई जा सके।
सारण में डूबने से पांच बच्चों की मौत
सारण में जितिया पर्व के दौरान अपनी मां या अन्य परिजनों के साथ स्नान करने गए पांच बच्चों की डूबने से मौत हो गई है। यह घटनाएं अलग-अलग थाना क्षेत्रों की है। मढ़ौरा थाना क्षेत्र के ओल्हनपुर और टेहटी गांव में दो बच्चों की नदी के पानी में डुबकर मौत हो गई। दोनों बच्चें जितिया पर्व पर नदी में नहाने गए हुए थे। इसी दौरान नहाने के क्रम में नदी में पैर फिसल जाने से गहरे पानी में चले गए। शोर मचाने के बाद जब तक स्थानीय ग्रामीण जमा होते और उन्हें पानी से बाहर निकालते तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। मृतकों की पहचान ओल्हनपुर गांव निवासी जगलाल राय का पुत्र रिक्की कुमार (14) और टेहटी गांव निवासी राजनाथ राय की पुत्री आरती कुमारी (7) के रूप में पहचान हुई हैं। तरैया थाना क्षेत्र के माधोपुर बड़ा गांव स्थित तलाब में स्नान करने गई 14 वर्षीय छात्रा की डूबने से मौत हो गई है। मृतिका उक्त गांव निवासी शुभ नारायण यादव की पुत्री प्रिया कुमारी (14) थी। वहीं मांझी थाना क्षेत्र के सबदरा गांव में जिउतिया स्नान करने मां के साथ गई एक किशोरी की सोंधी नदी में डूबने से मौत हो गई है। मृतका राधेश्याम साह की पुत्री शोभा कुमारी (12) थी। वहीं दाउदपुर थाना क्षेत्र के दुमदुमा गांव निवासी श्रवण प्रसाद सोनी एवं उनकी पत्नी गुलाबो देवी जिउतिया को लेकर भरवलिया तालाब में नहाने गए थे। उनके पीछे- पीछे 13 वर्षीय गोलू कुमार भी चला गया था। गुलाबो देवी महिलाओं की झुंड में नहा रही थी। जबकि पति श्रवण प्रसाद कुछ दूर नहा रहे थे। तभी घाट पर खड़ा गोलू का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में गिरकर डूबने लगा। उसे डूबता देख पति- पत्नी भी उसे बचाने के क्रम में डूबने लगे। घाट पर मौजूद लोगों ने दोनों पति-पत्नी को किसी तरह बचा लिया, लेकिन गोलू को बचाया नहीं जा सका। उसकी डूबने से मौत हो गई।
वहीं, कैमूर में 4 एवं गोपालगंज में डूबने से एक की मौत की खबर है। कैमूर में डूबने वाले सभी बच्चे हैं।
पीड़ित परिवारों में मातम, गांवों में शोक का माहौल
इन त्रासद घटनाओं के बाद प्रभावित परिवारों में शोक का माहौल है। बच्चों की असमय मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांवों में शोक के साथ-साथ दहशत का माहौल है। लोग जितिया पर्व पर हुई इन घटनाओं को लेकर बेहद दुखी और स्तब्ध हैं।
प्रशासन ने जारी की चेतावनी, भविष्य में सतर्कता बरतने की अपील
प्रशासन ने इन घटनाओं के बाद नदियों और तालाबों में स्नान के दौरान सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने की चेतावनी दी है। लोगों से अपील की गई है कि वे बिना सुरक्षा इंतजामों के ऐसे स्थानों पर न जाएं। SDRF की टीमें मौके पर मौजूद हैं और राहत कार्यों में लगी हुई हैं। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे और सुरक्षा के इंतजाम किए जाएंगे। जितिया पर्व, जो कि माताएं अपने बच्चों की लंबी उम्र और खुशहाल जीवन के लिए मनाती हैं, इस बार इन दुखद घटनाओं के कारण त्रासदी में बदल गया है। इस हादसे ने पूरे राज्य को गहरे शोक में डाल दिया है और लोगों के दिलों में दर्दनाक यादें छोड़ दी हैं।
मुख्यमंत्री ने जताया गहरा शोक, मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये अनुग्रह राशि की घोषणा
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने औरंगाबाद जिले में डूबने की घटनाओं पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने बच्चों की तालाब में नहाने के दौरान डूबने से हुई दर्दनाक मौत पर अपनी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह दुर्घटना अत्यंत दुःखद और हृदयविदारक है, जिससे वे बहुत मर्माहत हैं। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस दुःखद घड़ी में शोक संतप्त परिवारों को धैर्य और साहस प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की। नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और हरसंभव सहायता प्रदान करेगी।
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