हिंदी को जन-जन की भाषा बनाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी : डॉ. प्रेम कुमार
बिहार विधानसभा में नागालैंड के राज्यपाल नंदकिशोर यादव का अभिनंदन, अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में हिंदी के व्यापक उपयोग पर जोर
पटना। बिहार विधानसभा के विस्तारित भवन स्थित 500 क्षमता वाले सभागार में गुरुवार को हिंदी भाषा, साहित्य और संस्कृति को समर्पित भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जगदम्बी प्रसाद यादव स्मृति प्रतिष्ठान एवं अंतरराष्ट्रीय हिंदी परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित समारोह में नागालैंड के राज्यपाल नंदकिशोर यादव का अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन, राष्ट्रीय संगोष्ठी, काव्य गोष्ठी, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सम्मान समारोह का भी आयोजन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद नागालैंड के राज्यपाल नंदकिशोर यादव को अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में साहित्य, राजनीति, प्रशासन और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने स्वागत संबोधन में हिंदी की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हिंदी महज संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि देश की भावना, संस्कृति और सामूहिक अभिव्यक्ति से जुड़ी भाषा है। गांवों की संस्कृति, संतों की वाणी, स्वतंत्रता आंदोलन और साहित्यिक परंपरा में हिंदी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि हिंदी की समृद्ध साहित्यिक परंपरा को आगे बढ़ाने में साहित्यकारों और कवियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। आज आवश्यकता है कि लोग अपनी मातृभाषा को गर्व के साथ अपनाएं और हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए मिलकर प्रयास करें।
समारोह को संबोधित करते हुए नागालैंड के राज्यपाल नंदकिशोर यादव ने कहा कि हिंदी साहित्य और भारतीय संस्कृति को लोगों तक पहुंचाने की प्रभावी कड़ी है। उन्होंने हिंदी को केवल साहित्य और संस्कृति तक सीमित रखने के बजाय शिक्षा, ज्ञान-विज्ञान, प्रतियोगी परीक्षाओं, चिकित्सा और अभियांत्रिकी जैसे क्षेत्रों में इसके इस्तेमाल को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि हिंदी का दायरा जितना व्यापक होगा, हिंदी भाषी समाज में अपनी भाषा को लेकर गौरव की भावना उतनी ही मजबूत होगी। कार्यक्रम के दौरान ‘राजभाषा दर्पण’ स्मारिका का विमोचन भी किया गया। स्मारिका के माध्यम से हिंदी भाषा, साहित्य और राजभाषा के विभिन्न पहलुओं को सामने रखने का प्रयास किया गया।
समारोह में हिंदी भाषा और साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विभिन्न लोगों को जगदम्बी प्रसाद यादव स्मृति शिखर सम्मान से सम्मानित किया गया। चयनित प्रतिभाओं को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न प्रदान कर उनके योगदान की सराहना की गई। कार्यक्रम में मेघालय एवं सिक्किम के पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद, पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे तथा पूर्व पुलिस महानिदेशक आलोक राज ने भी अपने विचार रखे।
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