बिहार कैबिनेट के 13 एजेंडों पर लगी मुहर, सिंचाई से लेकर AI और कृषि तक कई बड़े फैसले
पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में मुख्य सचिवालय स्थित कैबिनेट हॉल में बिहार कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कुल 13 एजेंडों पर स्वीकृति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से कैबिनेट के फैसलों की जानकारी साझा की। बैठक में सिंचाई, कृषि, पशुपालन, AI, भंडारण, रोजगार और औद्योगिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
नहरों के पुनर्स्थापन के लिए करोड़ों की मंजूरी
अररिया जिले के नरपतगंज अंतर्गत जानकी नगर शाखा नहर और उससे जुड़ी नहर प्रणालियों के पुनर्स्थापन कार्य के लिए 30.35 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इस कार्य को दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी तरह सिंचाई प्रमंडल, कटिहार के अंतर्गत कटिहार वितरणी, फूलपुर, हसनगंज, बैजनाथपुर एवं सेमापुर उप-वितरणियों तथा उनसे जुड़ी नहर प्रणालियों के पुनर्स्थापन के लिए 35.82 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इससे संबंधित क्षेत्रों में सिंचाई व्यवस्था बेहतर होने और किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
11 हजार निजी नलकूपों के लिए 305.60 करोड़
मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 11,000 निजी नलकूपों की स्थापना के लिए 305.60 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। यह निर्णय ‘हर खेत तक जल’ पहुंचाने के उद्देश्य से लिया गया है। कैबिनेट ने बक्सर-भागलपुर सिक्स लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण को भी मंजूरी दी है। लगभग 336 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे अरवल, नालंदा, जहानाबाद, जमुई समेत अन्य जिलों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
पशुओं की नस्ल सुधार के लिए 63.92 करोड़
डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग की ओर से वित्तीय वर्ष 2026-27 में 63.92 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से ‘नस्ल सुधार योजना’ को मंजूरी दी गई है। योजना का संचालन COMFED, पटना के माध्यम से किया जाएगा। इसका उद्देश्य राज्य में दूध उत्पादन और पशुओं की उत्पादकता बढ़ाना है।
बिहार में AI इकोसिस्टम को मिलेगा बढ़ावा
राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इसके लिए टायो (Taiyo) एआई इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, बिहार के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करने की स्वीकृति दी गई है। सरकार का उद्देश्य तकनीक और नवाचार के माध्यम से बिहार को भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार करना है।
48,200 मीट्रिक टन भंडारण क्षमता बढ़ेगी
वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य में 48,200 मीट्रिक टन अतिरिक्त भंडारण क्षमता सृजित करने के लिए 200, 500 और 1,000 मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदामों के निर्माण की योजना को मंजूरी दी गई है। इसके लिए 52 चयनित समितियों को 50 प्रतिशत अनुदान और 50 प्रतिशत चक्रीय पूंजी के रूप में कुल 34.95 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
कजरा सोलर परियोजना के लिए शुल्क में छूट
लखीसराय में कजरा सोलर पावर परियोजना की स्थापना के लिए अधिग्रहित भूमि के लीज दस्तावेज के निबंधन पर लगने वाले मुद्रांक शुल्क और निबंधन शुल्क में शत-प्रतिशत छूट देने की स्वीकृति दी गई है।
अवर प्रादेशिक नियोजनालय का बदला नाम
कैबिनेट ने अवर प्रादेशिक नियोजनालय का नाम बदलकर जिला नियोजनालय करने की स्वीकृति भी प्रदान की है।
सकरी और रैयाम चीनी मिलों को लेकर फैसला
मधुबनी के सकरी और दरभंगा के रैयाम चीनी मिलों के लिए अधिसूचित आरक्षित क्षेत्र के गन्ना उत्पादकों तथा गन्ना उत्पादन के लिए प्रतिबद्ध किसानों को शामिल करने के उद्देश्य से प्राथमिक चीनी मिल सहकारी समिति के गठन को मंजूरी दी गई है।
सोशल और ऑनलाइन मीडिया के नियमों में संशोधन
राज्य सरकार की जनहितकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों के व्यापक प्रचार-प्रसार को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बिहार सोशल मीडिया एवं ऑनलाइन मीडिया संशोधन नियमावली, 2026 में आवश्यक संशोधन को भी मंजूरी दी गई है।
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