पटना प्रदर्शन में उपद्रव और हिंसा पर पुलिस का शिकंजा, 70 नामजद समेत 1,000 से अधिक अज्ञात पर प्राथमिकी
सरकारी कार्य में बाधा डालने और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने के आरोप में कोतवाली थाने में दो प्राथमिकी दर्ज
पटना। बिहार की राजधानी पटना में 25 अगस्त को छात्र संगठनों और किसान मोर्चा की ओर से किए गए प्रदर्शन के दौरान हुए उपद्रव और हिंसा के मामले में पटना पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रदर्शन के दौरान बैरिकेडिंग तोड़े जाने और भीड़ में शामिल असामाजिक तत्वों द्वारा हमला किए जाने के मामले में कोतवाली थाने में दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। पुलिस ने इस मामले में 70 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है, जबकि 1,000 से अधिक अज्ञात प्रदर्शनकारियों को भी प्राथमिकी में आरोपी बनाया गया है।
मामले की जानकारी देते हुए कोतवाली विधि-व्यवस्था के अपर पुलिस अधीक्षक कृष्ण मुरारी प्रसाद ने बताया कि 25 अगस्त की घटना को लेकर कोतवाली थाने में कुल दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। इन मामलों में उपद्रव करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। पुलिस अब प्राथमिकी में नामजद और अज्ञात आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई में जुटी है।
पुलिस के अनुसार, छात्र संगठनों के प्रदर्शन में किसान मोर्चा से जुड़े आंदोलनकारी भी शामिल हुए थे। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए। इसी बीच कुछ प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और सुरक्षा व्यवस्था के तहत लगाए गए बैरिकेड तोड़ दिए। आरोप है कि भीड़ में शामिल कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिस और प्रशासन की व्यवस्था को चुनौती देते हुए हमला किया। इससे मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस को परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन के कारण राजधानी के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई। प्रतिबंधित क्षेत्रों में भीड़ जुटने और प्रदर्शन के चलते घंटों तक वाहनों की आवाजाही बाधित रही। सड़क पर जाम लगने से आम लोगों को काफी परेशानी हुई। पुलिस के अनुसार, यातायात प्रभावित होने के कारण एंबुलेंस सहित अन्य आवश्यक सेवाओं के परिचालन में भी रुकावट की स्थिति बनी। पुलिस अब प्रदर्शन के दौरान बनाए गए वीडियो फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उपद्रव करने वालों की पहचान कर रही है। नामजद आरोपियों के साथ प्राथमिकी में शामिल अज्ञात लोगों की भी पहचान की जा रही है। पहचान होने के बाद संबंधित आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विधि-व्यवस्था अपर पुलिस अधीक्षक कृष्ण मुरारी प्रसाद ने आम लोगों और विभिन्न संगठनों से अपील की है कि वे अपनी मांगों को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से रखें। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में नियमों का उल्लंघन कर प्रदर्शन करने और भीड़ जुटाने से आम लोगों की दैनिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं। कृष्ण मुरारी प्रसाद ने कहा कि कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और यातायात व्यवस्था प्रभावित करने वालों के खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। दर्ज प्राथमिकी के आधार पर प्रदर्शन के दौरान उपद्रव करने वालों की पहचान की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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