बासमती पुण्यतिथि समारोह में अकेला सहित 11 लोग श्रवण कुमार सम्मान से सम्मानित
औरंगाबाद। औरंगाबाद जिला के देव प्रखंड स्थित चैनपुर गाँव में बासमती सेवा केंद्र के तत्वावधान में बासमती देवी की द्वितीय पुण्यतिथि मनाई गई जिसकी अध्यक्षता रामजी सिंह ने एवं मंच संचालन वरीय कवि डॉ हेरम्ब कुमार मिश्र ने किया। आगत अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर एवं बासमती देवी के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। कविता विद्यार्थी, उमेश चन्द्र सिंह, पुरंजय कुमार सिंह, दिलीप कुमार सिंह, संतोष कुमार सिंह, उप मुखिया रंजन कुमार सिंह एवं पाास सिंह ने आगत अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। इस अवसर पर माता पिता व सास ससुर की सेवा: सनातन संस्कृति का मूलाधार" विषय पर एक संगोष्ठी भी आयोजित की गई। जिसमें विषय प्रवेश कराते हुए महोत्सव पुरुष एवं वरीय अधिवक्ता सिद्धेश्वर विद्यार्थी ने कहा कि माता-पिता इस धरती के प्रत्यक्ष भगवान होते हैं, जिनकी देख-रेख उनकी हर संतान का दायित्व व कर्त्तव्य है। श्री विद्यार्थी ने कहा कि आज माँ की पुण्यतिथि के अवसर पर हम समस्त माताओं का सम्मान करते हैं। विशिष्ठ अतिथि व व विधान पार्षद दिलीप कुमार सिंह ने मातृ-पितृ रक्षा एवं सेवा के लिए युवाशक्ति को आगे बढ़ने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि औरंगाबाद के विधायक आनंद शंकर सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि पाश्चात्य सभ्यता की सकारात्मक विधानों की जगह हम वहॉं की नकारात्मक व्यवस्थाओं, विचारों व व्यवहारों को अपने जीवन में अपनाते चले जा रहे हैं जिसके दुष्परिणाम हमारी संस्कृति पर हावी होते चले जा रहे हैं। हमें अवगुणों को त्याग कर सद्गुणों की ओर बढ़ना चाहिए। ख्यातिलब्ध साहित्यकार व सम्पादक डॉ. सुरेन्द्र प्रसाद मिश्र ने कहा कि जीवन में माता-पिता और सास ससुर की स्नेहिल छाँव का बृहद महत्व बताते हुए अपने विशद विचार व्यक्त किये। गजनाधाम शक्तिपीठ के महंत जी ने रामचरितमानस के उद्धरणों द्वारा माता- पिता की सेवा की अहमियत बताई। इसके अलावे ज्योतिषविद शिवनारायण सिंह, पूर्व प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, कमलेश सिंह, सुमन अग्रवाल, डा. इन्देश कुमार, संजय सिंह, रामचंद्र सिंह, संजीव रंजन, रामाधार सिंह, अनिल सिंह, मुखिया आमोद कुमार, हाजी मुश्ताक, सुखदेव सिंह, प्रदीप सिंह एवं डा. टी के. सिंह ने भी माता पिता के महत्व पर अपने बिचार रखे। इस पुण्यतिथि समारोह में संस्था की ओर से वैसे लोगों को सम्मानित भी किया गया जिन्होंने माता पिता की निरंतर सेवा को अपने जीवन का मूलाधार समझा है। माता पिता की ध्यानपूर्वक सेवा करनेवालों में. श्री रामाकांत सिंह, अशोक पांडेय, प्रवीण सिंह, सुनीतादेवी, लीला सिंह, अरविंद अकेला, विगन पासवान, दयापाात्र सिंह, रत्नेश सिंह, संंजय सिंह एवं पंचम कुमार सिंह सहित कई लोगों को अंगवस्त्र एवं प्रशस्ति पत्र देकर श्रवण कुमार सम्मान से सम्मानित किया गया। समारोह में रामप्रवेश सिंह, दीपक गुप्ता, नन्दलाल मेहता लालदेव प्रसाद, सुरेश विद्यार्थी, निर्मल सिंह, अनिल सिंह, बलिराम सिंह, रामाश्रय सिंह, यशवंत कुमार सहित दो सौ से अधिक लोग मौजूद थे। रामजी सिंह के अध्यक्षीय भाषण एवं सचिव दिलीप कुमार सिंह के धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम को समाप्त किया गया।
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