मोतिहारी में STF–अपराधियों के बीच मुठभेड़, दो कुख्यात ढेर, एक जवान शहीद
मोतिहारी। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के चकिया थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात एसटीएफ और कुख्यात अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो बदमाश मारे गए, जबकि एक जवान शहीद हो गया। करीब 10 से 15 मिनट तक चली इस मुठभेड़ से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। मारे गए अपराधियों की पहचान प्रियांशु दुबे और कुंदन ठाकुर के रूप में हुई है। दोनों लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त थे और पुलिस के लिए सिरदर्द बने हुए थे। वहीं इस मुठभेड़ में एसटीएफ के जवान श्रीराम यादव को गोली लगी, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
दरअसल, दो दिन पहले चकिया थाने के अतिरिक्त थानाध्यक्ष को नेपाल नंबर से फोन कर इन अपराधियों ने खुलेआम धमकी दी थी। उन्होंने कहा था कि जल्द ही 10 से 15 पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी जाएगी और शहर को गुंडागर्दी का असली चेहरा दिखाया जाएगा। इस धमकी के बाद पुलिस महकमा अलर्ट हो गया और अपराधियों की तलाश शुरू कर दी गई। कॉल ट्रेसिंग के जरिए पुलिस को रामडीहा गांव में उनकी लोकेशन मिली। इसके बाद एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की टीम ने इलाके में घेराबंदी कर छापेमारी की। खुद को घिरता देख अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी मोर्चा संभाला और दोनों ओर से लगातार गोलीबारी हुई।
मुठभेड़ के दौरान दोनों अपराधियों को गोली लगी और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हालांकि इस कार्रवाई में एसटीएफ के जवान श्रीराम यादव भी गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में शहीद हो गए। पुलिस ने मौके से एक AK-47 राइफल, दो पिस्टल और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों अपराधी नेपाल सीमा से सटे इलाके में हथियारों की तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय थे। मुठभेड़ के दौरान उनके 3-4 अन्य साथी जंगल की ओर भागने में सफल रहे, जिनकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। नेपाल बॉर्डर पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है।
घटना की सूचना मिलते ही चंपारण रेंज के डीआईजी हरकिशोर राय, एसपी मोतिहारी स्वर्ण प्रभात समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई थी, जिसमें पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वहीं शहीद जवान श्रीराम यादव को श्रद्धांजलि देते हुए एसपी ने कहा कि उन्होंने कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है।
सरकार की ओर से उनके परिवार को हर संभव सहायता दी जाएगी। शहीद जवान के घर में मातम पसरा हुआ है। उनकी पत्नी सिंधु कुमारी और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जाता है कि शहीद की 2018 में शादी हुई थी और उनके दो छोटे बच्चे हैं। देर रात तक परिवार से उनकी बातचीत हुई थी, लेकिन कुछ ही घंटों बाद उनके शहीद होने की खबर आ गई। इस मुठभेड़ के बाद इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि दोनों अपराधी लंबे समय से दहशत का पर्याय बने हुए थे। हालांकि एक बहादुर जवान की शहादत ने इस सफलता को गम में बदल दिया है।
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