गया: एक दिन में 14 पुलिसकर्मी निलंबित, छुट्टी के बाद ड्यूटी पर नहीं लौटना पड़ा भारी
दो पुलिस अवर निरीक्षक और 12 सिपाहियों पर हुई कार्रवाई, पुलिस लाइन के निरीक्षण के दौरान सामने आया मामला; थानाध्यक्ष भी अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित
गयाजी। पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता और ड्यूटी में लापरवाही के खिलाफ एसएसपी सुशील कुमार ने सख्त रुख अपनाया है। एक ही दिन में 14 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। इनमें दो पुलिस अवर निरीक्षक और 12 सिपाही शामिल हैं। सभी पर आरोप है कि निर्धारित छुट्टी समाप्त होने के बाद भी वे समय पर अपनी ड्यूटी पर वापस नहीं लौटे। यह कार्रवाई बुधवार को उस समय सामने आई, जब एसएसपी सुशील कुमार पुलिस लाइन के निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान कई पुलिसकर्मियों के ड्यूटी से अनुपस्थित रहने की जानकारी मिली। मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय स्तर पर कार्रवाई की गई।
छुट्टी खत्म होने के बाद भी नहीं पहुंचे ड्यूटी पर
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संबंधित पुलिसकर्मियों को निर्धारित अवधि के लिए छुट्टी स्वीकृत की गई थी। छुट्टी की अवधि पूरी होने के बाद उन्हें वापस ड्यूटी पर योगदान देना था, लेकिन वे समय पर वापस नहीं लौटे। इसे विभागीय अनुशासन और कर्तव्य के प्रति लापरवाही माना गया। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिसकर्मियों के लिए समय पर ड्यूटी पर उपस्थित होना और विभागीय अनुशासन का पालन करना अनिवार्य है। इस मामले में लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की गई है।
ड्यूटी में लापरवाही बर्दाश्त नहीं : एसएसपी
एसएसपी सुशील कुमार ने कहा कि ड्यूटी में लापरवाही और अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों और जवानों को अपने कर्तव्य के प्रति सजग रहने तथा निर्धारित नियमों का पूरी तरह पालन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस बल में अनुशासन व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जमीन विवाद में हस्तक्षेप और थानाध्यक्ष से गलत व्यवहार, कड़ौना थानाध्यक्ष निलंबित
बांकेबाजार क्षेत्र के भूमि विवाद में एक पक्ष पर दबाव बनाने का आरोप, दूसरे थानाध्यक्ष से बातचीत के दौरान आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल की शिकायत
इधर, जहानाबाद जिले के कड़ौना थानाध्यक्ष देवकांत वर्मा को भी निलंबित किया गया है। उन पर गयाजी जिले के बांकेबाजार थाना क्षेत्र से जुड़े जमीन विवाद में पद का दुरुपयोग करते हुए एक पक्ष पर दबाव बनाने और मामले में एकतरफा हस्तक्षेप करने का आरोप लगा था।
न्यायालय में लंबित है जमीन का विवाद
बताया गया कि विवादित जमीन पर धान रोपने को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। जमीन से संबंधित मामला पहले से न्यायालय में सिविल मुकदमे के रूप में लंबित है। इसके बावजूद मामले में पुलिस स्तर से हस्तक्षेप किए जाने की शिकायत सामने आई। आरोप है कि कड़ौना थानाध्यक्ष ने फोन पर मामले से जुड़े एक पक्ष से बातचीत की। इसी दौरान बांकेबाजार थानाध्यक्ष पवन कुमार के साथ बातचीत में कथित तौर पर गाली-गलौज और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। साथ ही एक पक्ष पर दबाव बनाने का भी आरोप लगाया गया।
बांकेबाजार थानाध्यक्ष ने एसएसपी से की शिकायत
मामला सामने आने के बाद बांकेबाजार थानाध्यक्ष पवन कुमार ने एसएसपी सुशील कुमार को लिखित शिकायत दी। उन्होंने पूरे घटनाक्रम से एसएसपी को अवगत कराते हुए मामले में उचित कार्रवाई का अनुरोध किया। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने कड़ौना थानाध्यक्ष के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा मगध रेंज के आईजी से की।
जांच में दोषी पाए जाने के बाद हुई कार्रवाई
मामले की जांच के बाद कड़ौना थानाध्यक्ष देवकांत वर्मा को दोषी पाया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर मगध रेंज के आईजी के स्तर से उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवनयापन भत्ता दिया जाएगा। पुलिस विभाग की लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि ड्यूटी में लापरवाही, अनुशासनहीनता और पद के दुरुपयोग को लेकर विभाग अब सख्त रुख अपना रहा है।
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