11 साल बाद खुला मीठापुर-करबिगहिया फ्लाईओवर, दक्षिण बिहार जाने का सफर होगा आसान
पटना। राजधानी पटना में लंबे इंतजार के बाद मीठापुर-करबिगहिया फ्लाईओवर और मीठापुर-महुली ओवरब्रिज पर शुक्रवार से आवागमन शुरू हो गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दोनों परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इनके चालू होने से मीठापुर, करबिगहिया और कंकड़बाग क्षेत्र में यातायात का दबाव कम होने के साथ दक्षिण बिहार की ओर आने-जाने वाले लोगों को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। मीठापुर-करबिगहिया फ्लाईओवर का निर्माण वर्ष 2015 में शुरू हुआ था। उस समय परियोजना की अनुमानित लागत 102 करोड़ रुपये थी। निर्माण के दौरान डिजाइन में चार बार बदलाव किए गए, जिससे इसकी लागत बढ़कर 300 करोड़ रुपये से अधिक हो गई। करीब 11 वर्ष बाद इसके पहले चरण को यातायात के लिए खोला गया है।
फ्लाईओवर को दोनों दिशाओं के लिए अलग-अलग मार्ग के रूप में विकसित किया गया है। इसके आगे करबिगहिया-मीठापुर ओवरब्रिज को चिरैयाटांड़ ओवरब्रिज से जोड़ने की भी योजना है। फ्लाईओवर के शुरू होने से मीठापुर, करबिगहिया और आसपास के इलाकों में लगने वाले जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। इससे विधानसभा, सचिवालय, हवाई अड्डा, मीठापुर के शिक्षण संस्थानों और कृषि कार्यालयों तक पहुंचना आसान होगा। लोगों के समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। 2.1 किलोमीटर लंबे मीठापुर-महुली ओवरब्रिज के शुरू होने से पटना से गया, औरंगाबाद, रांची समेत दक्षिण बिहार के अन्य क्षेत्रों की यात्रा आसान होगी। पुनपुन, बिहारशरीफ और राजगीर जाने वाले लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा। अब दक्षिण बिहार की ओर जाने वाले वाहनों को शहर के भीतरी हिस्सों से होकर गुजरने की जरूरत कम होगी। इससे पटना शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव घटने और यात्रियों का समय बचने की उम्मीद है।
मीठापुर-करबिगहिया परियोजना को राजधानी की महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं में शामिल किया गया था। निर्माण के दौरान कई तरह की बाधाओं और डिजाइन में बदलाव के कारण इसके पूरा होने में लंबा समय लगा। इसके बावजूद परियोजना के चालू होने से पटना और दक्षिण बिहार के बीच आवागमन व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
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