उत्तरप्रदेश: सहारनपुर में PNB की करेंसी चेस्ट में मिले 17 करोड़ के नकली नोट, तीन बैंक अधिकारी निलंबित
जयपुर भेजी गई रकम में 4.30 लाख रुपये की कमी से शुरू हुई जांच, CCTV में हाउसकीपर के नोट निकालने का दावा; RBI की टीम कर रही पूछताछ
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की करेंसी चेस्ट में करीब 17 करोड़ रुपये के नकली नोट मिलने से बैंकिंग महकमे में हड़कंप मच गया है। बैंक के आंतरिक ऑडिट के दौरान यह बड़ी गड़बड़ी सामने आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अधिकारी भी जांच में जुट गए हैं।
मंगलवार सुबह करीब 8 बजे RBI के छह अधिकारियों की टीम दो वाहनों से सहारनपुर पहुंची। टीम सोफिया मार्केट स्थित PNB की शाखा में पहुंचकर बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों द्वारा करेंसी चेस्ट में रखी नकदी, रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की भी जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है।
मामले में बैंक ने अब तक तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। वहीं PNB मेरठ के चीफ मैनेजर एवं जांच अधिकारी अरुण कुमार चौबे की शिकायत के आधार पर तीन बैंक अधिकारियों और एक पार्टटाइम हाउसकीपर के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
जयपुर भेजी गई रकम में कमी से खुला मामला
मामले की शुरुआत सहारनपुर की घंटाघर स्थित PNB शाखा से जयपुर भेजी गई नकदी में कमी मिलने के बाद हुई। बताया गया कि बैंक की करेंसी चेस्ट में रखी करीब 11.50 करोड़ रुपये की नोटों की गड्डियों को व्यवस्थित करने का काम पार्टटाइम हाउसकीपर विशाल कुमार को दिया गया था। इसमें कटे-फटे और अन्य प्रकार के नोट भी शामिल थे।
बैंक को यह नकदी RBI के जयपुर स्थित करेंसी चेस्ट भेजनी थी। निर्धारित प्रक्रिया के तहत रकम 5 अगस्त को जयपुर भेजी गई। वहां दोबारा गिनती के दौरान 4 लाख 30 हजार 900 रुपये की कमी पाई गई। जयपुर करेंसी चेस्ट से इसकी सूचना PNB के मेरठ स्थित अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद मामले की जांच शुरू हुई।
CCTV फुटेज में नोट निकालने का दावा
जांच के लिए PNB मेरठ के चीफ मैनेजर अरुण कुमार चौबे को सहारनपुर भेजा गया। बैंक अधिकारियों के साथ उन्होंने करेंसी चेस्ट में लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच की। बैंक अधिकारियों के अनुसार, फुटेज में पार्टटाइम हाउसकीपर विशाल कुमार नोटों की गड्डियों से रुपये निकालता हुआ दिखाई दिया।
फुटेज सामने आने के बाद बैंक ने विशाल कुमार को काम से हटा दिया और उसके खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद बैंक ने करेंसी चेस्ट में मौजूद पूरी नकदी और रिकॉर्ड की विस्तृत जांच शुरू कर दी।
ऑडिट में सामने आई 17 करोड़ की बड़ी गड़बड़ी
हाउसकीपर से जुड़ी प्रारंभिक गड़बड़ी के बाद बैंक ने 9 अगस्त से करेंसी चेस्ट का ऑडिट शुरू किया। टीम ने चेस्ट में उपलब्ध नकदी का रिकॉर्ड से मिलान किया। इसी दौरान करीब 17 करोड़ रुपये के नकली नोट मिलने की बात सामने आई।
इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट मिलने के बाद बैंक अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया। जांच टीम ने करेंसी चेस्ट से जुड़े अधिकारियों से नकली नोटों के स्रोत, उनके चेस्ट तक पहुंचने और उन्हें वहां रखने के संबंध में पूछताछ की।
जांच के दौरान सीनियर डिवीजनल मैनेजर रवि कुमार कांसे, करेंसी चेस्ट मैनेजर सुशील कुमार और यमुनानगर-जगाधरी, हरियाणा में तैनात करेंसी चेस्ट मैनेजर अमित कुमार से भी पूछताछ की गई। बैंक की जांच के मुताबिक तीनों अधिकारी इस संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी गई।
सहारनपुर के DIG अभिषेक सिंह के मुताबिक, बैंक के चीफ मैनेजर की शिकायत के आधार पर तीन बैंक मैनेजरों और पार्टटाइम हाउसकीपर के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है, जबकि बैंक की ओर से भी विभागीय स्तर पर जांच जारी है।
करेंसी चेस्ट में इतनी बड़ी रकम की होती है निगरानी
करेंसी चेस्ट बैंकों का सुरक्षित नकदी केंद्र होता है, जहां बड़ी मात्रा में नोट रखे जाते हैं और जरूरत के अनुसार विभिन्न बैंक शाखाओं को नकदी उपलब्ध कराई जाती है। यहां नोटों की गिनती के साथ उनकी जांच भी की जाती है। मशीनों के जरिए नकली और असली नोटों की पहचान करने के अलावा नकदी के लेन-देन का रिकॉर्ड भी रखा जाता है।
करेंसी चेस्ट में नकदी की सुरक्षा के लिए CCTV निगरानी, रिकॉर्ड का मिलान, मशीनों से नोटों की जांच और समय-समय पर ऑडिट जैसी व्यवस्थाएं होती हैं। ऐसे में एक ही करेंसी चेस्ट में करोड़ों रुपये के नकली नोट मिलने से सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले की विस्तृत जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे और इसके पीछे कौन-कौन लोग जिम्मेदार हैं।
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