बेटे के नाम जमीन कराने का झांसा देकर दूसरे के नाम रजिस्ट्री का आरोप
पिता-पुत्र पर मारपीट और धमकी देने की शिकायत, पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट पीड़ित ने एसपी के जनता दरबार में लगाई गुहार
डेहरी/रोहतास। इंद्रपुरी थाना क्षेत्र के बड़िहां गांव में बेटे के नाम जमीन रजिस्ट्री कराने का भरोसा देकर कथित तौर पर दूसरे के नाम जमीन कराने और विरोध करने पर मारपीट व धमकी देने का मामला सामने आया है। पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट पीड़ित ने रोहतास के पुलिस अधीक्षक के जनता दरबार में आवेदन देकर निष्पक्ष जांच और परिवार की सुरक्षा की मांग की है। पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
बड़िहां निवासी मदन मोहन मालवीय उर्फ मदन मोहन पांडेय ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि वर्ष 2010 में उनके परिचित महादेव पांडेय और उनके पुत्र ओम प्रकाश पांडेय उर्फ अजीत पांडेय ने उनके पुत्र कामाख्या नारायण की पढ़ाई-लिखाई और देखरेख करने का भरोसा दिया था। इसी क्रम में मौजा बड़िहां स्थित खाता संख्या 57, खेसरा संख्या 76 की करीब 74.5 डिसमिल जमीन उनके पुत्र कामाख्या नारायण के नाम कराने की बात कही गई थी।
पीड़ित के अनुसार, उन्हें सासाराम ले जाकर एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर करा लिए गए। कम पढ़े-लिखे होने के कारण उन्हें दस्तावेज में दर्ज वास्तविक विवरण की जानकारी नहीं हो सकी। बाद में उन्हें पता चला कि जिस जमीन को उनके पुत्र के नाम कराने की बात कही गई थी, वह कथित तौर पर ओम प्रकाश पांडेय उर्फ अजीत पांडेय के पुत्र बद्रीनारायण के नाम रजिस्ट्री करा दी गई।
पीड़ित का आरोप है कि मामले की जानकारी मिलने के बाद वह अपने परिजनों के साथ 21 अगस्त को संबंधित लोगों से पूछताछ करने पहुंचे। इस दौरान उनके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और मारपीट की गई। उनका यह भी आरोप है कि घटना के बाद से उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही हैं, जिससे परिवार में भय का माहौल है।
प्राथमिकी के बाद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने का आरोप
पीड़ित ने बताया कि घटना को लेकर इंद्रपुरी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है, लेकिन अब तक मामले में अपेक्षित जांच और ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी से असंतुष्ट होकर उन्होंने पुलिस अधीक्षक के जनता दरबार में आवेदन दिया। पीड़ित परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच, आरोपितों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की है। पुलिस अधीक्षक ने आवेदन पर संज्ञान लेते हुए मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब पीड़ित परिवार को पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई का इंतजार है।
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