एनसीएस पोर्टल पर 6.46 करोड़ से अधिक नौकरी चाहने वाले पंजीकृत, वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी 1.68 लाख रिक्तियां : केंद्रीय मंत्री
नई दिल्ली। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा है कि वर्ष 2015 में राष्ट्रीय करियर सेवा (एनसीएस) पोर्टल की शुरुआत के बाद से अब तक 6.46 करोड़ से अधिक नौकरी चाहने वाले और 58.76 लाख नियोक्ता इस मंच पर पंजीकरण करा चुके हैं। इनमें 60 वर्ष से अधिक आयु के 1.89 लाख वरिष्ठ नागरिक भी शामिल हैं। राज्यसभा में सदस्य राजिंदर गुप्ता के प्रश्न के लिखित उत्तर में मंत्री ने बताया कि वर्तमान में एनसीएस पोर्टल पर 60 वर्ष से अधिक आयु के उम्मीदवारों के लिए उपयुक्त 1.68 लाख से अधिक रिक्तियां उपलब्ध हैं। इसके अलावा, वरिष्ठ नागरिकों सहित 2.29 करोड़ से अधिक नौकरी चाहने वालों को देशभर के नियोक्ताओं ने इस पोर्टल के माध्यम से शॉर्टलिस्ट किया है।
डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि सरकार ने यूएनएफपीए-भारत की ‘इंडिया एजिंग रिपोर्ट-2023’ के निष्कर्षों पर गंभीरता से ध्यान दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, देश में 60 वर्ष और उससे अधिक आयु की आबादी वर्ष 2022 के 10.4 प्रतिशत से बढ़कर 2050 तक 20.8 प्रतिशत और सदी के अंत तक लगभग 36 प्रतिशत होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में बुजुर्गों, विशेषकर असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लोगों के लिए आजीविका के अवसर बढ़ाने और पुनः रोजगार के व्यवस्थित विकल्प विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया है, ताकि उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिल सके।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय करियर सेवा (एनसीएस) परियोजना के अंतर्गत सरकार ने राज्यों और विभिन्न संस्थानों के सहयोग से 407 मॉडल करियर सेंटर (एमसीसी) स्थापित करने को मंजूरी दी है। ये केंद्र युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों और अन्य नौकरी चाहने वालों को रोजगार मेलों, करियर परामर्श, कौशल प्रशिक्षण तथा एनसीएस पोर्टल के माध्यम से रोजगार के अवसरों से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय करियर सेवा देश में कुशल, रोजगार योग्य और भविष्य के लिए तैयार कार्यबल तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित सेवाओं, बेहतर समन्वय और नागरिक-केंद्रित सुविधाओं के जरिए एनसीएस पोर्टल भविष्य में रोजगार सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाते हुए समावेशी आर्थिक विकास तथा रोजगार सृजन को नई गति देगा।
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