रोहतास: कृष्ण बनकर सजा था मासूम, माला का मोती बना मौत का कारण; जन्माष्टमी की खुशियां मातम में बदलीं
इकलौते बेटे की मौत से बेसुध हुए माता-पिता, भगीरथा गांव में पसरा मातम
रोहतास। रोहतास जिले के कोचस प्रखंड में जन्माष्टमी की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब भगवान श्रीकृष्ण के रूप में सजे छह वर्षीय बच्चे की माला का मोती निगलने से मौत हो गई। मृतक की पहचान भगीरथा गांव निवासी विमलेश यादव के इकलौते बेटे आर्यन यादव के रूप में हुई है। विमलेश यादव भगीरथा गांव में किराये के मकान में रहकर मशरूम उत्पादन का कारोबार करते हैं।
शुक्रवार को जन्माष्टमी के अवसर पर परिवार ने आर्यन को भगवान श्रीकृष्ण की तरह सजाया था। उसे पीले रंग के कपड़े पहनाने के साथ गले में मोतियों की माला भी पहनाई गई थी। परिवार के लोग जन्माष्टमी की तैयारियों में व्यस्त थे और आर्यन घर में खेल रहा था। इसी दौरान उसने गले से माला उतार ली और खेलते-खेलते उसका एक मोती मुंह में डाल लिया। मोती सांस की नली में फंस गया, जिससे बच्चे को सांस लेने में परेशानी होने लगी।
अस्पताल पहुंचने से पहले बिगड़ी हालत
आर्यन की हालत बिगड़ती देख परिजन उसे तत्काल कोचस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। चिकित्सकों के अनुसार मोती सांस की नली में फंसने से बच्चे का दम घुट गया और उसकी मौत हो गई।
खुशियों वाले घर में मची चीख-पुकार
आर्यन की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। कुछ घंटे पहले जिस घर में जन्माष्टमी की खुशियां मनाई जा रही थीं, वहां अचानक चीख-पुकार शुरू हो गई। बेटे की मौत से माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों के अनुसार मां बार-बार बेसुध हो जा रही हैं, जबकि पिता की हालत भी खराब है।
मासूम की अचानक हुई मौत से भगीरथा गांव में भी शोक की लहर है। जन्माष्टमी पर कृष्ण के रूप में सजे बच्चे की इस दर्दनाक मौत ने ग्रामीणों को भी झकझोर दिया है। चिकित्सकों ने बताया कि बच्चे के गले में माला का मोती फंस गया था, जिससे सांस लेने में बाधा उत्पन्न हुई। परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
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