बिहार में आयोजित पहला 'उद्यमी सखी सावन महोत्सव': 700 महिलाओं का आत्मनिर्भरता की ओर कदम

बिहार में आयोजित पहला 'उद्यमी सखी सावन महोत्सव': 700 महिलाओं का आत्मनिर्भरता की ओर कदम

 

पटना। {अमन राज वर्मा}  बिहार के पटना में आयोजित 'उद्यमी सखी सावन महोत्सव' ने महिलाओं के आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस महोत्सव का आयोजन बिहार के चर्चित आईपीएस अधिकारी विकास वैभव के नेतृत्व में 'लेट्स इंस्पायर बिहार' के गार्गी अध्याय द्वारा किया गया। इस महोत्सव का उद्देश्य महिलाओं के उद्यमिता को प्रोत्साहित करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना था। इस कार्यक्रम में पटना समेत बिहार के अन्य जिलों की लगभग 700 महिलाओं ने भाग लिया। उन्होंने अपने उत्पादों के स्टॉल लगाए, जिनमें हस्तनिर्मित मसाला, सत्तू, ऑर्गेनिक आचार, सूट, साड़ी, कुकीज, मेहंदी, मधुबनी पेंटिंग, और जुट क्राफ्ट्स जैसे उत्पाद शामिल थे। इस महोत्सव ने न केवल महिलाओं के उद्यमिता को एक मंच प्रदान किया, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी दिया।

महोत्सव का थीम: राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका

इस महोत्सव का थीम 'राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका' था। इस थीम के माध्यम से महिलाओं को समाज में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका का अहसास कराया गया। इस कार्यक्रम में बिहार की संस्कृति और परंपरा की झलक भी देखने को मिली। महोत्सव के दौरान सावन क्वीन, प्रिंसेस और नन्ही परी प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं ने अपनी रचनात्मकता और प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

मुख्य अतिथि आईपीएस विकास वैभव का संबोधन

महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में आईपीएस विकास वैभव ने कहा, "2047 तक विकसित भारत में विकसित बिहार का निर्माण महिलाओं के अग्रणी योगदान से ही संभव है।" उन्होंने 'लेट्स इंस्पायर बिहार' के गार्गी अध्याय की सराहना की, जो महिलाओं के सशक्तिकरण और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। विकास वैभव ने कहा कि इस अभियान से अब तक 1 लाख से अधिक लोग स्वैच्छिक रूप से जुड़ चुके हैं। गार्गी अध्याय ने बिहार के 8 जिलों में वंचित विद्यार्थियों के लिए 15 गार्गी पाठशाला केन्द्रों पर निःशुल्क शिक्षा प्रदान की है, और महिलाओं के स्वरोजगार के लिए भी विभिन्न कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।

विशिष्ट अतिथियों का सम्मान और कार्यक्रम की सफलता

इस कार्यक्रम में अन्य विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रख्यात लोक गायिका नीतू कुमारी, आरजे रमा, मिसेज इंडिया केन्या रूही सिंह और मिस दिवा प्राची पांडे शामिल रहीं। इन सभी ने महिलाओं के सशक्तिकरण में अपने अनुभव साझा किए और महोत्सव की सराहना की। इस अवसर पर गार्गी सावन क्वीन, गार्गी सावन प्रिंसेस और गार्गी नन्ही परी के लिए क्रमश: पितम्मा सिन्हा, श्रुति वर्मा, और अन्वी आनंद को चुना गया। कार्यक्रम में भाग लेने वाली महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और इस महोत्सव को एक यादगार आयोजन बना दिया। विकास वैभव ने कहा कि गार्गी अध्याय का उद्देश्य हर ग्राम-नगर के हर व्यक्ति तक इस अभियान का संदेश पहुंचाना है ताकि बिहार को समृद्ध और विकसित बनाया जा सके। उन्होंने घोषणा की कि 2028 तक गार्गी अध्याय को बिहार के हर पंचायत में स्थापित करने की योजना है, जिसके लिए महिलाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी आवश्यक है।

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साकेत कुमार, BJMC 

उप-सम्पादक

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