भारत में गरीब न केवल सपने देख सकते हैं बल्कि उनको पूरा भी कर सकते हैं : द्रौपदी मुर्मू
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि राष्ट्रपति पद पर पहुंचना मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, यह भारत के हर गरीब की उपलब्धि है. मेरा राष्ट्रपति चुना जाना इस बात का प्रमाण है
नई दिल्ली। द्रौपदी मुर्मू ने देश की 15वीं राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली। मुर्मू देश की पहली आदिवासी महिला हैं जो राष्ट्रपति बनीं। द्रौपदी मुर्मू को संसद के सेंट्रल हाल में शपथ दिलाई गई। मुख्य न्यायाधीश एनवी रमणा उन्हें राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई। मुर्मू आजादी के बाद पैदा होने वाली पहली और शीर्ष पद पर काबिज होने वाली सबसे कम उम्र की शख्सियत हैं। प्रतिभा पाटिल के बाद मुर्मू देश की दूसरी महिला राष्ट्रपति हैं। गृह मंत्रालय ने कहा कि शपथ ग्रहण के बाद मुर्मू को 21 तोपों की सलामी दी जाएगी। उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मंत्रिपरिषद के सदस्य, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, राजनयिक मिशनों के प्रमुख, संसद सदस्य और सरकार के प्रमुख अधिकारी समारोह में शामिल रहे।
पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं
पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि पूरे देश ने द्रौपदी मुर्मू जी को भारत के राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेते हुए गर्व के साथ देखा। उनका राष्ट्रपति पद ग्रहण करना भारत के लिए विशेष रूप से गरीबों, हाशिए पर पड़े और दलितों के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है। मैं उन्हें एक उपयोगी राष्ट्रपति कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं देता हूं।
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