मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना की शुरुआत के लिए की तैयारी, 18 अगस्त को पाकुड़ से होगी ऐतिहासिक शुरुआत
झारखंड की महिलाएं अब बनेंगी सशक्त और आत्मनिर्भर: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
रांची। झारखंड राज्य की महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक और सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 'झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना' की शुरुआत के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। इस योजना का उद्देश्य राज्य की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनके सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण को सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 18 अगस्त को पाकुड़ से इस योजना का शुभारंभ करेंगे, जो रक्षाबंधन के अवसर पर राज्य की बहनों के लिए एक विशेष सौगात होगी।
रक्षाबंधन पर बहनों को मिलेगा आर्थिक सम्मान
रक्षाबंधन से ठीक पहले, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राज्य की बहनों और बेटियों को एक महत्वपूर्ण उपहार देने जा रहे हैं। इस दिन पाकुड़ में आयोजित एक विशेष समारोह में 'मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना' की शुरुआत की जाएगी, जिसके तहत चयनित महिलाओं के बैंक खातों में पहली किस्त के रूप में एक हजार रुपये की राशि ट्रांसफर की जाएगी। इस योजना के तहत, राज्य की लाखों महिलाएं हर महीने सम्मान राशि के रूप में यह आर्थिक सहायता प्राप्त करेंगी, जो उनके जीवन को आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
सरकार ने की तैयारियों की समीक्षा
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मोरहाबादी में स्वतंत्रता दिवस के झंडोत्तोलन के बाद इस योजना के क्रियान्वयन को लेकर एक अहम समीक्षा बैठक की। इस बैठक में मुख्य सचिव एल. खियांग्ते, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के सचिव मनोज कुमार, और सूचना एवं प्रौद्योगिकी सचिव विप्रा भाल समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान विभिन्न जिलों के उपायुक्त भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
महिलाओं को एसएमएस के माध्यम से मिलेगी जानकारी
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस योजना से जुड़ी महिलाओं को उनके आवेदन की स्वीकृति और सम्मान राशि के हस्तांतरण की जानकारी एसएमएस के माध्यम से दी जाए। इससे लाभार्थियों को यह सुनिश्चित हो सकेगा कि उनके बैंक खाते में सम्मान राशि जमा हो चुकी है। इसके साथ ही, साइबर अपराध से बचाव के लिए भी एसएमएस के माध्यम से महिलाओं को जागरूक किया जाएगा।
55% से अधिक आवेदनों को मिली मंजूरी
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि 'मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना' के लिए अब तक 36 लाख 69 हजार 378 महिलाओं ने आवेदन किया है, जिनमें से 20 लाख 37 हजार 754 आवेदनों को स्वीकृति दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने इस प्रक्रिया को और तेज करने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी पात्र महिला इस योजना के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने विशेष शिविरों का आयोजन 18 अगस्त तक जारी रखने के निर्देश भी दिए।
प्रत्येक माह एक निश्चित तारीख को होगी राशि ट्रांसफर
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना की सम्मान राशि को महिलाओं के खातों में हर महीने एक निश्चित तारीख तक हस्तांतरित किया जाए, ताकि इस प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के इस प्रयास को निरंतर जारी रखा जाएगा, और जो भी योग्य महिलाएं होंगी, वे कभी भी प्रज्ञा केंद्रों के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।
झारखंड की महिलाओं के लिए नई उम्मीद की किरण
'मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना' झारखंड की महिलाओं के लिए एक नई उम्मीद की किरण लेकर आई है। इस योजना के माध्यम से राज्य की 20 लाख से अधिक महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे वे अपने जीवन को बेहतर बना सकेंगी और आत्मनिर्भर बन सकेंगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस योजना को रक्षाबंधन के पवित्र पर्व पर लॉन्च कर महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की 'मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना' राज्य की महिलाओं के जीवन में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाने की क्षमता रखती है। इस योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि उन्हें समाज में अपनी पहचान बनाने का अवसर भी प्रदान करेगी। 18 अगस्त को पाकुड़ से शुरू होने वाली यह योजना झारखंड की महिलाओं के लिए एक नई शुरुआत की ओर संकेत करती है, जो राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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