गया में पितृपक्ष मेला का 7वां दिन: श्रद्धालुओं की भारी भीड़, विधि-विधान से हो रहा पिंडदान

 गया में पितृपक्ष मेला का 7वां दिन: श्रद्धालुओं की भारी भीड़, विधि-विधान से हो रहा पिंडदान

गया। गया में पितृपक्ष मेला के सातवें दिन श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। षष्टी और सप्तमी तिथि को अपने पूर्वजों के लिए पिंडदान करने के लिए देशभर से तीर्थयात्री गया पहुंचे हैं। तीर्थयात्री विधि-विधान के अनुसार अपने पूर्वजों को मोक्ष दिलाने के लिए पिंडदान में व्यस्त हैं। विष्णुपद मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है, जिससे पूरा इलाका आस्था और भक्ति के रंग में रंगा नजर आ रहा है।

विष्णुपद मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता

विष्णुपद मंदिर के अंदर स्थित 19 बेदियों पर सप्तमी के दिन श्रद्धालु अपने पूर्वजों का पिंडदान कर रहे हैं। हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। पिंडदान के लिए मंदिर परिसर में लंबी कतारें लगी हुई हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासनिक अधिकारी और पुलिसकर्मी मुस्तैद हैं। डीएम और एसएसपी स्वयं भीड़ प्रबंधन का निरीक्षण कर रहे हैं और व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिशा-निर्देश दे रहे हैं।

मुख्य बेदियों पर श्रद्धालुओं का पिंडदान

सप्तमी के दिन सूर्यपद, गणेशपद, चन्द्रपद, संध्याग्निपद, आवसंध्याग्निपद और दधिचिपद बेदी पर पिंडदान का आयोजन किया गया। श्रद्धालु पूरी निष्ठा और श्रद्धा के साथ अपने पूर्वजों के लिए पिंडदान कर रहे हैं। सीताकुंड, प्रेतशिला और फल्गु नदी के देवघाट पर भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु पिंडदान में लगे हुए हैं। मंगलवार से पिंडदान शुरू करने वाले तीर्थयात्री भी देवघाट पर पूजा-अर्चना कर रहे हैं।

हर दिन बढ़ रही तीर्थयात्रियों की संख्या

मेला क्षेत्र में हर दिन तीर्थयात्रियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु गया पहुंच रहे हैं। अक्षयवट पिंडवेदी पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु कर्मकांड कर रहे हैं। सुबह से लेकर शाम तक मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहती हैं। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं और सभी प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। गया में चल रहे पितृपक्ष मेले का यह धार्मिक आयोजन श्रद्धालुओं के लिए आस्था और संस्कारों का एक महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है। यहां जुटे तीर्थयात्री अपने पूर्वजों के प्रति सम्मान और श्रद्धा व्यक्त करते हुए पिंडदान कर रहे हैं, जिससे गया नगरी का वातावरण पूरी तरह से आध्यात्मिक हो गया है।

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BIHAR - JHARKHAND