झारखंड में 28 सीटों पर चुनाव लड़ेगी लोजपा रामविलास की पार्टी
रांची। आज रांची में लोजपा रामविलास (LJP-R) पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। इस बैठक में पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान कई अहम फैसले ले सकते हैं, जो न केवल पार्टी की रणनीति को प्रभावित करेंगे, बल्कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की राजनीति पर भी बड़ा असर डाल सकते हैं।
झारखंड विधानसभा चुनाव में 28 सीटों पर LJP-R की नजर
लोजपा रामविलास पार्टी ने झारखंड विधानसभा चुनाव में 28 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर ली है। रांची में हो रही इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भी झारखंड चुनाव पर रणनीति बनाना है। पार्टी की तरफ से 28 सीटों की सूची पहले ही आलाकमान को भेजी जा चुकी है, जिसे आज की बैठक में अंतिम रूप दिया जाएगा। यह कदम झारखंड की राजनीति में नया मोड़ ला सकता है, क्योंकि इससे NDA के भीतर तनाव बढ़ने की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं।
NDA में बढ़ सकती है अंदरूनी टकराव
चिराग पासवान के इस निर्णय से NDA के भीतर तनाव और टकराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। जहां भाजपा ने झारखंड की सभी 81 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है, वहीं जदयू ने भी 11 सीटों पर चुनाव लड़ने का दावा किया है। जदयू की ओर से 11 सीटों की सूची मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सौंपी जा चुकी है। ऐसे में, अगर LJP-R ने 28 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया, तो भाजपा और जदयू के बीच समन्वय बिठाने में कठिनाई हो सकती है।
चिराग पासवान की अध्यक्षता पर मुहर
इस बैठक का एक और महत्वपूर्ण पहलू चिराग पासवान को पुनः राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में चुना जाना है। यह उनके नेतृत्व में पार्टी के स्थायित्व और उनकी राजनीतिक पकड़ को मजबूत करने का प्रयास है। इसके साथ ही, बैठक में चार बड़े राज्यों - झारखंड, बिहार, हरियाणा और पश्चिम बंगाल में चुनाव लड़ने के प्रस्ताव पर भी चर्चा होगी, जिससे लोजपा रामविलास पार्टी का राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार और प्रभाव बढ़ाने का संकेत मिलता है। लोजपा रामविलास पार्टी की यह बैठक कई दृष्टिकोणों से महत्वपूर्ण है। एक ओर यह पार्टी के भविष्य की दिशा तय करेगी, तो दूसरी ओर, झारखंड चुनाव में 28 सीटों पर चुनाव लड़ने का निर्णय NDA के लिए एक चुनौती साबित हो सकता है। चिराग पासवान का पुनः अध्यक्ष चुना जाना और चार राज्यों में चुनाव लड़ने की योजना, लोजपा रामविलास को राष्ट्रीय राजनीति में एक मजबूत स्थान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है।
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