औरंगाबाद नगर भवन में तीन दिवसीय आपराधिक कानूनों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

यह कार्यक्रम पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार औरंगाबाद SP के निर्देशन में किया गया आयोजित

औरंगाबाद नगर भवन में तीन दिवसीय आपराधिक कानूनों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

औरंगाबाद। औरंगाबाद नगर भवन में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें नए आपराधिक कानूनों के संबंध में अनुसंधानकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह कार्यक्रम पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार औरंगाबाद SP के निर्देशन में आयोजित किया गया है। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य अनुसंधानकर्ताओं को भारतीय न्याय संहिता - 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता - 2023, और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 के बारे में पूरी जानकारी देना है, जो 01 जुलाई 2024 से लागू होंगे।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का विवरण

प्रथम सत्र:

  • तिथियाँ: 10 जून 2024 से 12 जून 2024 तक
  • संपन्न: 12 जून 2024 को

द्वितीय सत्र:

  • तिथियाँ: 13 जून 2024 से 15 जून 2024 तक

तृतीय सत्र:

  • तिथियाँ: 18 जून 2024 से 20 जून 2024 तक

प्रशिक्षण कार्यक्रम को तीन सत्रों में विभाजित किया गया है ताकि सभी अनुसंधानकर्ताओं को नए कानूनों के बारे में विस्तृत जानकारी और आवश्यक प्रशिक्षण मिल सके। बुधवार, 12 जून 2024 को प्रथम सत्र के तीसरे दिन, लगभग 300 अनुसंधानकर्ताओं को नए कानूनों के संबंध में प्रशिक्षित किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यशाला की शुरुआत सुबह से ही की गई थी। पहले सत्र में प्रशिक्षण के दौरान अनुसंधानकर्ताओं को नए आपराधिक कानूनों के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया गया।

द्वितीय और तृतीय सत्र की तैयारियां
द्वितीय सत्र: 13 जून 2024 से 15 जून 2024 तक चलेगा। इसमें पहले सत्र में दिए गए प्रशिक्षण को और विस्तार से समझाया जाएगा और अनुसंधानकर्ताओं की शंकाओं का समाधान किया जाएगा।

तृतीय सत्र: 18 जून 2024 से 20 जून 2024 तक आयोजित होगा। इस सत्र में फील्ड ट्रेनिंग और प्रैक्टिकल ज्ञान पर जोर दिया जाएगा, जिससे अनुसंधानकर्ता वास्तविक परिस्थितियों में नए कानूनों को लागू करने के लिए तैयार हो सकें।

प्रशिक्षण के महत्व

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी अनुसंधानकर्ता नए कानूनों को पूरी तरह से समझ सकें और इन्हें प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान प्राप्त कर सकें। यह प्रशिक्षण न केवल अनुसंधानकर्ताओं को नए कानूनों के बारे में जागरूक करेगा, बल्कि उन्हें अपने कार्यों में अधिक प्रभावी और जिम्मेदार बनाएगा। इस प्रकार, औरंगाबाद में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यशाला के माध्यम से नए कानूनों के सफल क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं, जो भविष्य में आपराधिक न्याय प्रणाली को और अधिक सशक्त और प्रभावी बनाएगा।

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साकेत कुमार, BJMC 

उप-सम्पादक

सोन वर्षा वाणी 

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