औरंगाबाद की पुरानी सब्जी मंडी में बर्थडे पार्टी के दौरान ताबड़तोड़ फायरिंग, 11 खोखे बरामद
औरंगाबाद। शहर के डाकघर के समीप स्थित पुरानी सब्जी मंडी क्षेत्र शुक्रवार रात गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। बर्थडे पार्टी के दौरान हुई ताबड़तोड़ फायरिंग से इलाके में दहशत फैल गई और कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक अधिकांश आरोपी वहां से फरार हो चुके थे। पुलिस ने घटनास्थल की जांच के दौरान 11 खोखे और शराब की एक बोतल बरामद की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर रही है। घटना के बाद पूरे शहर में फायरिंग को लेकर चर्चा का माहौल है और लोग पुलिस कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं।
बर्थडे पार्टी के दौरान चली गोलियां
स्थानीय लोगों के अनुसार पुरानी सब्जी मंडी परिसर में स्थित चहारदीवारी के अंदर कुछ युवक जन्मदिन समारोह मना रहे थे। इसी दौरान अचानक कई राउंड फायरिंग शुरू हो गई। लगातार गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग सहम गए और कई लोग अपने घरों व दुकानों में दुबक गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार फायरिंग काफी देर तक होती रही, जिससे क्षेत्र में भय का वातावरण बन गया। घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को अपने नियंत्रण में लेकर जांच शुरू की।
11 खोखे और शराब की बोतल बरामद
पुलिस की प्रारंभिक जांच में घटनास्थल से 11 खोखे बरामद हुए हैं, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि कई राउंड गोलियां चलाई गईं। इसके अलावा मौके से शराब की एक बोतल भी मिली है, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। नगर थाना अध्यक्ष बबन बैठा ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की और साक्ष्य जुटाए। बरामद खोखों को फॉरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।
एक युवक गिरफ्तार, कई अन्य की तलाश
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विश्वनाथ पासवान के पुत्र रविकांत कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य कई लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार फायरिंग में शामिल सभी लोगों की पहचान की जा रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
जमीन विवाद के एंगल पर भी जांच
पुलिस इस मामले को केवल बर्थडे पार्टी तक सीमित नहीं मान रही है। जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि पुरानी सब्जी मंडी की जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। मामला न्यायालय तक पहुंचा था और हाल ही में अदालत के फैसले के बाद प्रशासन की निगरानी में संबंधित भूमि की चहारदीवारी कराई गई थी। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि फायरिंग के पीछे इलाके में दहशत फैलाने तथा सब्जी कारोबारियों और स्थानीय लोगों पर दबाव बनाने की मंशा भी हो सकती है। हालांकि पुलिस ने अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है और सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है।
अतिक्रमण विवाद के बाद बढ़ी चर्चा
गौरतलब है कि घटना से एक दिन पहले पुरानी सब्जी मंडी के व्यवसायियों ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के विरोध में बैठक की थी। व्यवसायियों ने प्रशासन से पहले वैकल्पिक व्यवस्था करने और उसके बाद ही अतिक्रमण हटाने की मांग की थी। ऐसे में फायरिंग की इस घटना को जमीन विवाद और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से जोड़कर भी देखा जा रहा है। हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाएगा।
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