कैबिनेट बैठक में 13 एजेंडों पर लगी मुहर , चिकित्सा सहायता राशि बढ़कर हुई चार लाख रुपये
औरंगाबाद जिले के नवीनगर में नए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) की स्थापना को दी गयी मंजूरी
पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को मुख्य सचिवालय स्थित कैबिनेट हॉल में राज्य मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। लगभग एक सप्ताह बाद हुई इस बैठक में कुल 13 एजेंडों पर मुहर लगी। बैठक में स्वास्थ्य, उद्योग, रोजगार, कृषि, डेयरी एवं कौशल विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनका उद्देश्य राज्य में विकास और निवेश को गति देना है।
मरीजों को बड़ी राहत, चिकित्सा सहायता राशि बढ़ी
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष के तहत गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता की सीमा को बढ़ाकर ढाई लाख रुपये से चार लाख रुपये कर दिया है। इस फैसले से राज्य के हजारों जरूरतमंद मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी।
भोजपुर में बनेगा इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क
बैठक में भोजपुर जिले के बाणासुर मत्स्य बीज उत्पादन प्रक्षेत्र में इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क की स्थापना के लिए 31.30 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई। इससे मत्स्य पालन क्षेत्र को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
मधुबनी और बक्सर में बड़े निवेश को मंजूरी
राज्य में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मधुबनी जिले में अनाज भंडारण निर्माण इकाई की स्थापना के लिए 83.25 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी गई। इस परियोजना से 109 लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। वहीं बक्सर जिले के नवानगर औद्योगिक क्षेत्र में कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक, जूस आधारित पेय पदार्थ एवं सोलर पावर उत्पादन इकाई की स्थापना के लिए 483.51 करोड़ रुपये के पूंजी निवेश को स्वीकृति दी गई। इस परियोजना से लगभग 400 कुशल और अकुशल श्रमिकों को रोजगार मिलेगा।
सूक्ष्म खाद्य उद्यमों को मिलेगा बढ़ावा
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के तहत 164.51 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई। इस योजना से राज्य के छोटे खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को मजबूती मिलेगी।
औरंगाबाद में नया आईटीआई, 38 पदों का सृजन
कैबिनेट ने औरंगाबाद जिले के नवीनगर में नए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) की स्थापना को मंजूरी दी। इसके लिए 38 पदों के सृजन और प्रतिवर्ष 2.11 करोड़ रुपये खर्च की स्वीकृति दी गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 से यहां पांच ट्रेडों में प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा।
महिला पर्यवेक्षिकाओं को मिलेगा पदोन्नति का अवसर
बिहार बाल विकास सेवा संवर्ग में नियुक्ति संबंधी नियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके तहत स्वीकृत 544 पदों में से 136 पद नियमित रूप से कार्यरत महिला पर्यवेक्षिकाओं को वरीयता और योग्यता के आधार पर पदोन्नति के माध्यम से भरे जाएंगे।
दरभंगा एम्स और डेयरी परियोजना को भी मंजूरी
कैबिनेट ने दरभंगा एम्स के चयनित भूखंड पर मिट्टी भराई एवं समतलीकरण कार्य के लिए जल संसाधन विभाग को अधिकृत करने की स्वीकृति दी। इसके अलावा कैमूर जिले के मोहनिया में डेयरी एवं दुग्ध उत्पादन केंद्र के निर्माण के लिए सात एकड़ भूमि निशुल्क हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया।
चिकित्सकों को उच्च शिक्षा के लिए मिलेगी अनुमति
स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत कार्यरत सामान्य, विशेषज्ञ एवं दंत चिकित्सा सेवा संवर्ग के चिकित्सकों को कुछ शर्तों के साथ उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
पिछले सप्ताह 27 प्रस्तावों को मिली थी स्वीकृति
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह हुई कैबिनेट बैठक में 27 एजेंडों को मंजूरी दी गई थी। इनमें वर्तमान एवं पूर्व विधायकों, सरकारी कर्मचारियों, पेंशनधारियों और उनके आश्रितों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण निर्णय शामिल था। इसके अलावा बिहार विशेष सर्वेक्षण बंदोबस्त संशोधन न्यायालय 2026 और बिहार रैयती भूमि क्रय नीति 2026 को भी स्वीकृति दी गई थी। नई भूमि नीति के तहत शहरी क्षेत्रों में बाजार मूल्य का दोगुना और ग्रामीण क्षेत्रों में चार गुना मुआवजा देने के साथ 10 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान किया गया है। हालांकि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत लाभुक महिलाओं को दूसरी किस्त के रूप में 20 हजार रुपये दिए जाने के संबंध में इस कैबिनेट बैठक में कोई निर्णय नहीं लिया गया। मई महीने में ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने दूसरी किस्त जल्द जारी करने की घोषणा की थी, लेकिन जून शुरू होने के बावजूद इस संबंध में अभी तक अंतिम मंजूरी नहीं मिल सकी है।
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