गंगा स्नान के दौरान हादसा: चार सगी बहनों समेत पांच लड़कियां डूबीं, चार की मौत, एक की तलाश जारी
मुंगेर। जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित श्यामपुर बघचपरा गंगा घाट पर बुधवार सुबह एक हृदयविदारक हादसे में पांच किशोरियां गंगा नदी में डूब गईं। इनमें चार की मौत हो चुकी है, जबकि एक लड़की की तलाश के लिए प्रशासन द्वारा लगातार बचाव अभियान चलाया जा रहा है। मृतकों में चार सगी बहनें और उनकी पड़ोस की बुआ शामिल हैं। इस घटना के बाद पूरे इलाके में मातम छा गया है और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार बासुदेवपुर थाना क्षेत्र के श्यामपुर बघचपरा गांव निवासी मजदूर क्रांति पासवान की चार बेटियां संगीता कुमारी (18), विनीता कुमारी (16), संध्या कुमारी (14) और सोनाली कुमारी (12) अपनी पड़ोस की रिश्तेदार हिना कुमारी (19) के साथ बुधवार सुबह गंगा स्नान करने गई थीं। स्नान के दौरान एक लड़की अचानक गहरे पानी में चली गई। उसे बचाने के प्रयास में अन्य लड़कियां भी आगे बढ़ीं और देखते ही देखते पांचों नदी की तेज धारा में समा गईं।
घटना की सूचना मिलते ही गंगा घाट पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और प्रशासन को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही मुफस्सिल और बासुदेवपुर थाना की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तथा बचाव कार्य शुरू कराया। जिला प्रशासन के निर्देश पर आपदा प्रबंधन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और खोज अभियान तेज किया गया।
करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद सबसे बड़ी बहन संगीता कुमारी का शव घटनास्थल से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर मोहली घाट के समीप बरामद किया गया। इसके बाद चार घंटे के भीतर सोनाली कुमारी और हिना कुमारी के शव भी नदी से निकाल लिए गए। बाद में चौथी युवती का शव भी बरामद कर लिया गया। हालांकि एक किशोरी अब भी लापता है, जिसकी तलाश जारी है।
ग्रामीणों ने बताया कि पांचों लड़कियों को तैरना नहीं आता था। गंगा की गहराई का अंदाजा नहीं लगने के कारण वे हादसे का शिकार हो गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में सभी लड़कियां हाथ पकड़कर संघर्ष करती रहीं, लेकिन तेज धारा के सामने बेबस साबित हुईं।
मृतका संगीता के मामा संजय कुमार ने बताया कि संगीता पढ़ाई में काफी मेधावी थी और हाल ही में इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद मुंगेर के बीआरएम कॉलेज में स्नातक प्रथम सेमेस्टर में नामांकन की तैयारी कर रही थी। परिवार को उससे काफी उम्मीदें थीं, लेकिन इस हादसे ने सभी सपनों को तोड़ दिया।
परिजनों के अनुसार क्रांति पासवान बेहद साधारण आर्थिक स्थिति में अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। एक छोटे से कच्चे घर में परिवार के सात बच्चों का पालन-पोषण हो रहा था। हादसे में चार बेटियों के असमय चले जाने से परिवार पूरी तरह टूट गया है। गांव में शोक की लहर है और लोगों की आंखें नम हैं।
घटना की जानकारी मिलने पर जिला पदाधिकारी ने राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। पूर्व विधायक प्रणव कुमार यादव सहित कई जनप्रतिनिधि भी घटनास्थल पहुंचे और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया है।
यह दर्दनाक हादसा गंगा घाटों पर सुरक्षा इंतजामों और जागरूकता की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर कर गया है। पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और लोग मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
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