मधुबनी में बड़ा हादसा: जेसीबी से खोदे गए गड्ढे में डूबे सात बच्चे, पांच की मौत से गांव में मातम

मधुबनी में बड़ा हादसा: जेसीबी से खोदे गए गड्ढे में डूबे सात बच्चे, पांच की मौत से गांव में मातम

मधुबनी। जिले के बिस्फी थाना क्षेत्र स्थित केरवार गांव में बुधवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। जेसीबी मशीन से खोदे गए गहरे गड्ढे में नहाने गए सात बच्चे डूब गए, जिनमें पांच बच्चों की मौत हो गई। इस घटना के बाद गांव में चीख-पुकार और मातम का माहौल है, जबकि दो बच्चों का इलाज अस्पताल में चल रहा है।

जानकारी के अनुसार, गांव के कई बच्चे दोपहर में जेसीबी से खोदे गए पानी भरे गड्ढे में नहाने पहुंचे थे। नहाने के दौरान बच्चे अचानक गहराई में चले गए और एक-एक कर डूबने लगे। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगों की मदद से कुछ बच्चों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक कई बच्चे गंभीर रूप से पानी में डूब चुके थे।

ग्रामीणों ने तत्काल सभी बच्चों को अस्पताल पहुंचाया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दो बच्चों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई, जबकि तीन अन्य बच्चों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस तरह हादसे में कुल पांच बच्चों की जान चली गई। मृतकों में तीन लड़कियां और दो लड़के शामिल बताए जा रहे हैं। अधिकांश बच्चों की उम्र 12 से 14 वर्ष के बीच बताई जा रही है।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। बेनीपट्टी अनुमंडल पदाधिकारी शारंग पांडेय, डीएसपी समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी की। अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायल बच्चों की स्थिति की जानकारी ली तथा पीड़ित परिवारों से मुलाकात की।

पूर्व मुखिया शिव कुमार साव ने बताया कि जेसीबी से खोदे गए गड्ढे में डूबने से पांच बच्चों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि यह घटना पूरे गांव के लिए अत्यंत दुखद है। मृतकों में तीन लड़कियां और दो लड़के शामिल हैं। प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

अनुमंडल पदाधिकारी शारंग पांडेय ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक बच्चे के परिजनों को आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि प्रदान कर दी गई है। उन्होंने कहा कि घटना की जांच कराई जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि गड्ढा किन परिस्थितियों में खुला छोड़ दिया गया था।

हादसे के बाद घटनास्थल पर बच्चों की चप्पलें और अन्य सामान बिखरे मिले, जिन्हें देखकर परिजनों का दर्द और बढ़ गया। मृतकों में केरवार गांव की 12 वर्षीय स्नेहा कुमारी की पहचान हुई है। स्नेहा की मां ने रोते हुए बताया कि उनकी बेटी नहाने के लिए गई थी, लेकिन वापस घर नहीं लौटी। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे केरवार गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। गांव के घरों से उठ रही चीख-पुकार और परिजनों का विलाप माहौल को गमगीन बना रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे खतरनाक गड्ढों को सुरक्षित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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BIHAR - JHARKHAND