गया में फायर सेफ्टी ऑडिट में बड़ा खुलासा: 76 होटल और 6 अस्पताल अग्नि सुरक्षा मानकों पर फेल

मुजफ्फरपुर अग्निकांड के बाद चला विशेष अभियान, एक सप्ताह में सुधार नहीं होने पर होगी कड़ी कार्रवाई

गया में फायर सेफ्टी ऑडिट में बड़ा खुलासा: 76 होटल और 6 अस्पताल अग्नि सुरक्षा मानकों पर फेल

गया, संवाददाता। मुजफ्फरपुर में हाल ही में हुए भीषण अस्पताल अग्निकांड के बाद बिहार अग्निशमन सेवा द्वारा राज्यभर में चलाए जा रहे विशेष फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान के दौरान गया जिले में चिंताजनक स्थिति सामने आई है। जिले में किए गए व्यापक निरीक्षण में 76 होटल और 6 अस्पताल अग्नि सुरक्षा व्यवस्था के न्यूनतम मानकों पर खरे नहीं उतर पाए हैं। फायर विभाग ने इन संस्थानों को नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह के भीतर सभी कमियों को दूर करने का निर्देश दिया है। मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में जिला अग्निशमन पदाधिकारी अमन कुमार सिन्हा ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देश पर अस्पतालों, होटलों, कोचिंग संस्थानों और अन्य सार्वजनिक प्रतिष्ठानों में विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य संभावित अग्नि दुर्घटनाओं को रोकना तथा लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

जिला अग्निशमन पदाधिकारी ने बताया कि अब तक गया जिले में 73 अस्पतालों, 86 होटलों और 151 कोचिंग संस्थानों का फायर सेफ्टी ऑडिट पूरा किया जा चुका है। निरीक्षण के दौरान कई संस्थानों में गंभीर खामियां सामने आईं। जांच में पाया गया कि 6 अस्पतालों और 76 होटलों में अग्नि सुरक्षा से जुड़ी आवश्यक व्यवस्थाएं मौजूद नहीं हैं। इसके अलावा 42 ऐसे अस्पताल और होटल भी चिन्हित किए गए हैं, जहां फायर सेफ्टी के बुनियादी मानकों की भी अनदेखी की गई है।

ऑडिट के दौरान कई संस्थानों में अग्निशमन यंत्रों की अनुपलब्धता, आपातकालीन निकास द्वारों की कमी, फायर अलार्म सिस्टम का अभाव तथा आग बुझाने के लिए पर्याप्त जल भंडारण व्यवस्था नहीं मिलने जैसी गंभीर कमियां सामने आई हैं। फायर विभाग ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थलों पर ऐसी लापरवाही किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है। इसलिए सभी संस्थानों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा।

अमन कुमार सिन्हा ने बताया कि जिन संस्थानों में खामियां पाई गई हैं, उन्हें विभाग की ओर से नोटिस जारी कर दिया गया है। सभी संस्थानों को आवश्यक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने के लिए सात दिनों का समय दिया गया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर कमियों को दूर नहीं किया गया तो संबंधित संस्थानों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग की टीम दोबारा निरीक्षण करेगी और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर प्रतिष्ठानों को सील करने, लाइसेंस संबंधी कार्रवाई करने तथा आवश्यकतानुसार संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।

जिला अग्निशमन पदाधिकारी ने बताया कि वर्तमान चरण में अस्पतालों और होटलों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके बाद जिले के अपार्टमेंट, गैस एजेंसियां, पेट्रोल पंप, सिनेमा हॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और अन्य भीड़भाड़ वाले संस्थानों में भी व्यापक फायर सेफ्टी जांच अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे सभी स्थान जहां लोगों की आवाजाही अधिक होती है और जहां आग लगने की संभावना रहती है, वहां नियमित रूप से निरीक्षण किया जाएगा ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके।

प्रेस वार्ता के दौरान फायर विभाग ने सभी संस्थान संचालकों से अपील की कि अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन केवल कानूनी औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह सामाजिक जिम्मेदारी भी है। छोटी सी लापरवाही कई लोगों की जान जोखिम में डाल सकती है। उन्होंने कहा कि सभी संचालक समय रहते आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करें, कर्मचारियों को फायर सेफ्टी प्रशिक्षण दें और आपातकालीन स्थिति से निपटने की तैयारी रखें। इससे किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में नुकसान को कम किया जा सकेगा।

फायर विभाग ने स्पष्ट किया कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि जागरूकता बढ़ाकर सुरक्षित वातावरण तैयार करना है ताकि भविष्य में किसी बड़े अग्निकांड की पुनरावृत्ति न हो। विशेष अभियान के तहत आने वाले दिनों में जिलेभर में निरीक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों की गति और तेज की जाएगी।

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BIHAR - JHARKHAND