प्रसिद्ध लोक गायिका नीतू नवगीत ने छठ गीतों के माध्यम से लोगों को स्वच्छता का दिया संदेश
स्वच्छता के रंग, छठ गीतों के संग
पटना। पटना नगर निगम द्वारा स्वच्छता जागरूकता अभियान के तहत एनआईटी घाट पर ‘स्वच्छता के रंग, छठ गीतों के संग’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पटना नगर निगम की ब्रांड एंबेसडर और प्रसिद्ध लोक गायिका डॉ. नीतू कुमारी नवगीत ने छठ गीतों की प्रस्तुतियों के माध्यम से लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया।

कार्यक्रम का उद्घाटन शहर की मेयर सीता साहू ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि स्वच्छता अभियान से शहर में जागरूकता आई है, और नगर निगम की रैंकिंग में भी सुधार हुआ है। उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे इस अभियान में सहयोग दें और पटना को स्वच्छ और सुंदर बनाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. नीतू कुमारी नवगीत और राजेश केशरी द्वारा ‘गंगा घाटे करब छठ के बरतिया, मांगीला स्वच्छता के वरदान, करब चकाचक पटना देखब हे छठी मईया’ जैसे जिंगल को लॉन्च किया गया। जिंगल में लोक गायन के साथ स्वच्छता के संदेश को भी जोड़ा गया है, जो अब पूरे पटना में बजता सुनाई देगा। इस आयोजन में बिहार के पारंपरिक छठ गीतों का भी समावेश हुआ, जिसमें ‘कांच ही बांस के बहंगिया,’ ‘केलवा के पात पर उगेलन सूरजमल,’ ‘दऊरा में दस गो दियरिया’ और ‘उगी हे सुरुज देव’ जैसे गीतों ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। डॉ. नीतू नवगीत ने छठ के इन पारंपरिक गीतों के जरिए लोगों का मनोरंजन करने के साथ स्वच्छता का संदेश भी दिया। वादक कलाकारों में सरफ़ुद्दीन (बांसुरी), सुभाष प्रसाद (हारमोनियम), अमरनाथ (ढोलक) और पिंटू कुमार (पैड) शामिल रहे। मेयर सीता साहू ने सूखा और गीला कचरा अलग-अलग संग्रह करने के लिए नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे अभियान का जिक्र किया और नागरिकों से इसमें योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने महात्मा गांधी के स्वच्छता के प्रति विचारों को याद करते हुए कहा कि स्वच्छता को उन्होंने पूजा के समान माना था।
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