श्रेया हत्याकांड : आम जनमानस से लेकर नेताओं में गुस्सा और तीन की गिरफ़्तारी
एसडीपीओ संजय कुमार पांडेय ने प्रेसवार्ता कर मामले की जानकारी दी
नबीनगर। नबीनगर में 11वीं कक्षा की छात्रा श्रेया की हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इस घटना के विरोध में जिले में बढ़ते आक्रोश के दौरान पुलिस ने यह कार्यवाई की है। यह घटना अब कानूनी और सामाजिक दोनों ही दृष्टियों से बेहद संवेदनशील बन गई है। आम जनमानस से लेकर नेताओं का गुस्सा इस घटना के विरोध में देखने को मिल रहा है।
सूत्रधार थी सहेली की मां
इस हत्याकांड में पुलिस ने श्रेया के कथित प्रेमी, उसकी सहेली, और सहेली की मां को गिरफ्तार किया है। एसडीपीओ सदर संजय कुमार पांडेय ने प्रेसवार्ता के दौरान इस मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 12 जून को श्रेया के लापता होने के बाद 14 जून को उसका शव इंद्रपुरी बराज से बरामद किया गया था। शव की हालत इतनी खराब थी कि शरीर से त्वचा तक निकल गई थी, जिससे इस क्रूर हत्या का अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रेसवार्ता के दौरान एसडीपीओ पांडेय ने कहा कि श्रेया की मां के द्वारा तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। जांच के दौरान पता चला कि छात्रा की सहेली और उसकी मां अक्सर श्रेया की मुलाक़ात उसके एक प्रेमी से करवाती थी। श्रेया की सहेली की मां इन दोनों के बीच के सूत्रधार का काम करती थी। इसी संलिप्तता के आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। एसडीपीओ ने कहा कि श्रेया की हत्या में इन तीनों का कहीं न कहीं जुड़ाव है। सहेली की माँ ब्यूटी पार्लर संचालिका है। पुलिस ने इन तीनों को न्यायालय में समर्पित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
आरोप मेल नहीं खा रहे
हालांकि एसडीपीओ ने यह भी बताया कि छात्रा के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आए तथ्य और परिजनों के आरोप मेल नहीं खा रहे हैं। परिजन और स्थानीय लोग इस रिपोर्ट से असहमत हैं, जिससे विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पोस्टमार्टम के बाद छात्रा के बेसरा को सुरक्षित रखा गया है और उसे विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा। वहां से रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण स्पष्ट हो पाएंगे। पुलिस कई अन्य बिंदुओं पर भी अनुसंधान कर रही है। एसडीपीओ ने कहा कि अभी कुछ भी स्पष्ट रूप से कह पाना मुश्किल है। सीसीटीवी फुटेज भी खंगाला जा रहा है।
जिले में आक्रोश और नेताओं की प्रतिक्रिया
श्रेया की हत्या के बाद से जिला समेत नबीनगर और आसपास के क्षेत्रों में गुस्से और आक्रोश का माहौल है। जगह-जगह प्रदर्शन और विरोध दर्ज किया जा रहा है। सभी की एक ही मांग है – अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जाए। युवाओं का एक वर्ग इतना आक्रोशित है कि उन्होंने कानून हाथ में लेकर स्वयं सजा देने की बात तक कह दी है। घटना की गंभीरता को देखते हुए कई नेता और मंत्री नबीनगर पहुंचे। शिवहर सांसद लवली सिंह और पूर्व सांसद आनंद मोहन ने मृतका के परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की। मामले में औरंगाबाद के निवर्तमान सांसद सुशील कुमार सिंह ने घटन पर दुःख जताते हुए कहा कि हमारे अत्यंत करीबी ऊर्जावान कार्यकर्ता की सुपुत्री के साथ घिनौनी घटना की सूचना पर उन्होंने औरंगाबाद की एसपी स्वपना गौतम मेश्राम से दूरभाष पर बात कर इस हृदय विदारक घटना के कारणों की जांच एसआईटी गठित कर जल्द से जल्द कराने तथा अपराधियों को शीघ्र गिरफ्तार करने को कहा है।
सबकी नजरें पुलिस की जांच और अपराधियों की सजा पर
श्रेया की हत्या ने न केवल उसके परिवार बल्कि पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना ने समाज में बढ़ते अपराध और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तीन लोगों की गिरफ्तारी के बावजूद, न्याय की मांग और आक्रोश कम नहीं हुआ है। अब सबकी नजरें पुलिस की जांच और अपराधियों की सजा पर टिकी हैं। इस घटना ने यह भी साबित कर दिया कि जनता की एकजुटता और विरोध प्रदर्शन से प्रशासन पर दबाव बनाया जा सकता है, जिससे वे त्वरित और सख्त कार्रवाई करने के लिए मजबूर होते हैं। इस मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई और जांच की गंभीरता से न्याय की उम्मीद बनी हुई है। समाज के सभी वर्गों ने इस मामले में एकजुटता दिखाई है और न्याय की मांग के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रशासन और सरकार की यह जिम्मेदारी है कि वे इस मामले को पूरी पारदर्शिता और त्वरितता के साथ निपटाएं, ताकि मृतका श्रेया और उसके परिवार को न्याय मिल सके।
मोबाइल चैट से मां को हुई थी अपहरण की आशंका
नाबालिग छात्रा की मां ने प्राथमिकी में अपनी बेटी के अपहरण का आरोप लगाया। प्राथमिकी में मां ने कहा कि मंगलवार को उनकी बेटी सुबह 6:15 बजे घर से कोचिंग जाने के लिए निकली थी लेकिन कोचिंग का समय समाप्त होने के बावजूद वह घर नहीं लौटी तो हमलोग उसकी खोजबीन करने लगे। इस दौरान जब घर के मोबाइल की जांच की गई तो मोबाइल में पास के ही गांव के एक लड़के का नंबर मिला। जब घर के मोबाइल की जांच की गई तो मोबाइल में पास के ही गांव के लड़के का नंबर मिला। मोबाइल में सोमवार की रात 10:30 बजे लड़की और बगल के गांव के एक लड़के के बीच चैट था। यही नहीं उस मोबाइल नंबर से लड़की की हमेशा बात होती थी। यह भी कहा कि मेरी बेटी की एक सहेली, जो अक्सर हमारे घर आती थी। बेटी घर नहीं आने पर जब उसकी सहेली को फोन किया लेकिन उसकी मां ने बात कराने से इनकार कर दिया।
लड़की की सहेली और उसकी मां व बगल के गांव के युवक पर अगवा का शक
मोबाइल चैट व सहेली की मां द्वारा बेटी से बात कराने से इंकार के बाद मामले में छात्रा की मां ने बगल के गांव के एक युवक, बेटी की सहेली और उसकी मां पर अपहरण करने का आरोप लगाया। तीनों की भूमिका को संदिग्ध बताया। मां का कहना है कि उसकी बेटी का अपहरण इन्ही तीन लोगों ने मिलकर किया है।
आनंद मोहन, लवली व डॉ. आयुषी ने पुलिस की थ्योरी की उड़ा दी धज्जियां
रविवार को औरंगाबाद परिसदन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व सांसद आनंद मोहन, शिवहर की उनकी नव निर्वाचित सांसद पत्नी व बेटी डॉ. आयुषी ने पुलिस की थ्योरी की धज्जियां उड़ा कर रख दी। डॉ. आयुषी ने पुलिस के पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका की उम्र 24 वर्ष बताई गई है जबकि सभी लोग जानते है कि उसकी उम्र 16 वर्ष है। कहा कि पुलिस की सुसाईड की थ्योरी पुरी तरह गलत है। लाश की जो तस्वीरें उन्होंने देखी है, उसमें एक आंख फूटी हुई है। होंठ गायब है। पुलिस यदि यह भी कहे कि आंख को पानी में मछलियां खा गई होगी तो भी यह बात हजम होने वाली नही है क्योंकि मछलियां आंख खा सकती है लेकिन फोड़ नही सकती और लिप को गायब नही कर सकती। पोस्टमार्टम रिपोर्ट संदिग्ध है लेकिन सुखद बात यह है के बेसरा प्रिजर्व कर रखा गया है, जिससे जांच में आगे सहायता मिल सकती है। वह आग्रह करती है कि पुलिस मामले की सही तरीके से जांच कर सच्चाई को सामने लाएं और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाए। वही शिवहर की नव निर्वाचित सांसद लवली आनंद ने कहा कि छात्रा की लाश तो मिली है लेकिन उसके बैग और जूते गायब है, जो संदेह को बल दे रहा है। पानी में डूबकर छात्रा के मरने की बात मनगढ़ंत कहानी है। कहा कि वह मानती है कि दो दिन पानी में रहने पर शव सड़ गल जाता है लेकिन एसिड अटैक की बात को यदि पुलिस खारिज कर रही है तो वह बताए कि पाए गए शव के बाल कहां है। इसे पुलिस को बताना चाहिए। मामले में पुलिस सही दिशा में जांच नही कर रही है और पुलिस को मामले की सच्चाई सामने लानी चाहिए। वही आनंद मोहन ने कहा कि मृतका के परिवार की यह आशंका है कि विधिवत पोस्टमार्टम हुआ ही नही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट यदि विधिवत हुआ है तो पोस्टमार्टम के दौरान की सीसीटीवी फुटेज सामने लाया जाए ताकि यह पता चले कि सही में पोस्टमार्टम किस डॉक्टर ने किया है या किसी अन्य कर्मी ने। पोस्टमार्टम को हल्के में लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट संदिग्ध है। मामले में हमारे पुत्र चेतन आनंद ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर सिविल सर्जन से बात करनी चाही लेकिन बात नही हुई। कहा कि पूरे मामले को लेकर मुख्यमंत्री से बात करने के लिए मिलने का समय मांगा है। सीएम से मिलकर वें पूरी बात रखेंगे, पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की पहल करेंगे। कहा कि पुलिस मामले को हल्के में नही ले। नबीनगर बेहद संवेदनशील इलाका है। बात बढ़ेगी तो बहुत दूर तक जा सकती है।
पुरे बिहार में करेंगे चक्का जाम : क्षत्रिय करणी सेना
क्षत्रिय करणी सेना बिहार के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री एवं कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष रणधीर सिंह ने कहा कि नबीनगर प्रखंड के खैरा ग्राम के श्रेया कुमारी हत्याकांड के संदर्भ में औरंगाबाद एसपी से बात हुई है, और उन्होनें एसपी को उचित जांच कर जल्द से जल्द 18/06/2024 तक अपराधियों की गिरफ्तारी करने को कहा है, और उसे फांसी की सजा मिले की फिर से किसी समाज के माता पिता को ऐसा दिन ना देखना पडे अगर ऐसा नही होता है तो फिर हमारा संगठन क्षत्रिय करणी सेना 19/06/2024 को समय: 10 बजे पहले एसपी ऑफिस औरंगाबाद घेराव करेंगे, फिर पूरे बिहार में चक्का जाम करने का काम करेंगे|
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