सम्राट चौधरी की पहली कैबिनेट बैठक: 22 प्रस्तावों पर मुहर, विकास–रोजगार–सुरक्षा पर फोकस
1500 महिला पुलिसकर्मियों को स्कूटी देगी सरकार
पटना। बिहार में नई सरकार के गठन के बाद बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में पहली कैबिनेट बैठक हुई, जिसमें करीब एक घंटे चली चर्चा के दौरान 22 महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगाई गई। सरकार के इन फैसलों का सीधा असर राज्य के विकास, रोजगार और सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ने की उम्मीद है।
महिला सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए 1500 महिला पुलिसकर्मियों को स्कूटी और 3200 पुलिसकर्मियों को मोटरसाइकिल देने का निर्णय लिया है। इस योजना पर कुल 66.75 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे पुलिसिंग को अधिक प्रभावी और तेज बनाया जा सकेगा।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सोनपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ मंदिर क्षेत्र को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए 680 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है, जिससे यह क्षेत्र देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल हो सकेगा।
मुंगेर जिले के तारापुर में पर्यटन विकास को नई दिशा देने के लिए कृषि विभाग की 15 एकड़ जमीन पर्यटन विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित की जाएगी। इससे इलाके में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट ने नई निबंधन नियमावली 2026 को भी मंजूरी दी है। इसके तहत 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को रजिस्ट्री प्रक्रिया में विशेष सुविधा दी जाएगी, जिससे उन्हें कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और काम सरल हो सकेगा।
रोजगार और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री सेतु योजना के तहत राज्य के 75 आईटीआई संस्थानों को आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी योजना पर 3615 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिससे युवाओं को कौशल विकास और रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे।
शहरी विकास के क्षेत्र में भी बड़ा फैसला लेते हुए 11 नए ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की मंजूरी दी गई है। इन क्षेत्रों में फिलहाल जमीन खरीद-बिक्री, हस्तांतरण और निर्माण कार्य पर रोक लगाई जाएगी, ताकि योजनाओं को व्यवस्थित तरीके से लागू किया जा सके।
इसके अलावा तकनीकी और सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए आईआईटी पटना में रिसर्च पार्क निर्माण हेतु 305 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन्क्यूबेशन सेंटर फेज-2 के लिए 39.01 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। वहीं राजीव नगर में आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ERSS) और पुलिस डाटा सेंटर के निर्माण के लिए 172.80 करोड़ रुपये तथा अग्निशमन विभाग के लिए 62 मीटर ऊंची हाइड्रोलिक लैडर मशीन खरीदने हेतु 18 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
About The Author
