‘ऑपरेशन सिंदूर’ की वर्षगांठ पर रक्षा मंत्री ने किया सेना के शौर्य को नमन
राजनाथ सिंह बोले- आतंकवादियों के लिए सीमा पार की जमीन भी सुरक्षित नहीं
नई दिल्ली। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की वर्षगांठ पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय सशस्त्र बलों के साहस, शौर्य और समर्पण को याद करते हुए उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि भारतीय सेनाओं ने अपने अद्वितीय पराक्रम और बेहतरीन समन्वय से देश की सुरक्षा को मजबूत बनाए रखा है। रक्षा मंत्री ने गुरुवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ राष्ट्रीय संकल्प, तत्परता और निर्णायक कार्रवाई का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के दौरान भारतीय सेनाओं ने अद्भुत सटीकता, उत्कृष्ट समन्वय और तीनों सेनाओं के बीच शानदार तालमेल का प्रदर्शन किया, जिसने आधुनिक सैन्य अभियानों के लिए नया मानक स्थापित किया। राजनाथ सिंह ने कहा कि जब भी देश के सामने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां आती हैं, भारतीय सशस्त्र बल पूरी तैयारी और मजबूती के साथ राष्ट्र की रक्षा के लिए खड़े रहते हैं।
आत्मनिर्भर भारत की बढ़ती ताकत का प्रमाण : रक्षा मंत्री
रक्षा मंत्री ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता का भी प्रमाण है। उन्होंने कहा कि देश लगातार अपनी सैन्य क्षमताओं को मजबूत कर रहा है, जिससे भारत की रणनीतिक शक्ति और सहनशक्ति दोनों में वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेनाओं की यह क्षमता बताती है कि देश हर परिस्थिति में अपने दुश्मनों को जवाब देने में सक्षम है।
वीडियो साझा कर आतंकवाद पर दिया सख्त संदेश
इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने एक वीडियो भी साझा किया। वीडियो में उनका वह कड़ा संदेश भी शामिल था, जिसमें उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति को स्पष्ट किया था। राजनाथ सिंह ने कहा था, “भारत जब भी आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करेगा, तब आतंकवादियों और उनके आकाओं के लिए सीमा पार की जमीन भी सुरक्षित नहीं रहेगी।
‘नए भारत’ के आत्मविश्वास और साहस की पहचान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नए भारत के आत्मविश्वास, साहस और निर्णायक नेतृत्व की गौरवशाली अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने पूरी दुनिया को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि भारत अपनी सुरक्षा, संप्रभुता और सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करता। उन्होंने भारतीय जवानों के शौर्य, त्याग और बलिदान को राष्ट्र की अजेय शक्ति बताते हुए कहा कि देश सदैव अपने वीर सैनिकों का ऋणी रहेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि यह विजय गाथा केवल इतिहास नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा भी है।
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