सचिवालय पहुंचे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, अफसरों के साथ पहली बड़ी बैठक; विभागों पर ले सकते हैं अहम फैसले
पटना। बिहार की नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी गुरुवार को पहली बार सचिवालय पहुंचे, जहां उन्होंने शीर्ष अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। इस बैठक में सभी विभागों के प्रधान सचिव मौजूद हैं और माना जा रहा है कि शासन-प्रशासन को लेकर कई बड़े निर्देश जारी किए जा सकते हैं। नई सरकार के गठन के तुरंत बाद यह बैठक प्रशासनिक दिशा तय करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, विकास योजनाओं की गति, कानून-व्यवस्था और विभागों के समन्वय जैसे मुद्दों पर खास जोर दिया जा सकता है।
इससे पहले बुधवार देर शाम मुख्यमंत्री आवास पर राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। पूर्व डिप्टी सीएम विजय सिन्हा समेत भाजपा और जदयू के कई वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी से मुलाकात करने पहुंचे। इसे नई सरकार के भीतर समन्वय और रणनीति बनाने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। बुधवार को ही सम्राट चौधरी ने बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उनके साथ जदयू के विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव ने भी शपथ ली, जिन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। हालांकि अभी मंत्रिमंडल का पूर्ण विस्तार नहीं हुआ है, लेकिन विभागों का अंतरिम बंटवारा कर दिया गया है। वर्तमान में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास गृह समेत 29 विभाग हैं, जबकि विजय चौधरी को 10 और बिजेंद्र यादव को 8 विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद इन विभागों को अन्य मंत्रियों के बीच बांटा जाएगा। तब तक तीनों ही मंत्री इन विभागों का कार्यभार संभालेंगे।
शपथ ग्रहण से पहले सम्राट चौधरी ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया था। शपथ लेने के बाद उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को प्रणाम कर आशीर्वाद लिया और राज्यपाल सैयद अता हसनैन से मुलाकात की। वहीं, मुख्यमंत्री बनने पर उनके पिता शकुनी चौधरी ने भावुक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मेहनत और समय का फल जरूर मिलता है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक जीवन में कई संघर्षों के बाद आज यह मुकाम मिला है और जो मेहनत करेगा, वही आगे बढ़ेगा। नई सरकार के गठन के बाद अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासनिक स्तर पर किस तरह के फैसले लिए जाते हैं और मंत्रिमंडल विस्तार कब तक किया जाता है।
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