बांकीपुर सीट पर बदले समीकरण, संजय मयूख उभरकर आए मजबूत दावेदार

बांकीपुर सीट पर बदले समीकरण, संजय मयूख उभरकर आए मजबूत दावेदार

मयूख को इस सीट से चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी लगभग तय मानी जा रही है।

पटना। बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। पूर्व मंत्री नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद इस सीट पर नए चेहरे की तलाश में जुटी भाजपा में अब संजय मयूख का नाम तेजी से उभर रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, मयूख को इस सीट से चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी लगभग तय मानी जा रही है।


संजय मयूख न केवल भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया सह प्रभारी हैं, बल्कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की कोर टीम के अहम सदस्य भी माने जाते हैं। संगठन में उनकी मजबूत पकड़ और नेतृत्व क्षमता उन्हें इस सीट के लिए सबसे प्रबल दावेदार बना रही है। पार्टी के भीतर उनकी छवि एक भरोसेमंद और रणनीतिक नेता की है। बांकीपुर सीट पर मयूख का जुड़ाव कोई नया नहीं है। वर्ष 1995 में जब नितिन नवीन के पिता नवीन किशोर सिन्हा पहली बार इस सीट से विधायक बने थे, तब से ही मयूख स्थानीय राजनीति में सक्रिय रहे हैं। बाद में नितिन नवीन के चुनावी सफर के दौरान भी मयूख उनके करीबी सहयोगी के रूप में जुड़े रहे, जिससे क्षेत्र में उनकी पकड़ और मजबूत हुई।


वर्तमान में संजय मयूख 2016 से लगातार विधान परिषद के सदस्य हैं। उनका कार्यकाल जून 2026 में समाप्त होने वाला है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि इस बार उन्हें फिर से परिषद भेजने के बजाय विधानसभा चुनाव में उतारकर बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। यदि वे चुनाव जीतते हैं, तो कायस्थ समाज के प्रतिनिधित्व के आधार पर उन्हें नई सरकार में मंत्री पद मिलने की भी संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक सफर की बात करें तो संजय मयूख ने 1990 में भाजपा का दामन थामा था। शुरुआती दौर में ही उन्होंने संगठन में सक्रिय भूमिका निभाई और 1995 में बिहार भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष बनाए गए। इसके बाद उन्हें प्रदेश मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई, जहां उन्होंने पार्टी की छवि को मजबूत करने में अहम योगदान दिया।


उनकी संगठनात्मक क्षमता को देखते हुए 2013 में उन्हें भाजपा की राष्ट्रीय मीडिया टीम में शामिल किया गया। इसके बाद से उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की मीडिया रणनीति को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 2016 में उन्हें पहली बार विधान परिषद भेजा गया और 2022 में दोबारा मौका देकर पार्टी ने उन पर भरोसा जताया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संजय मयूख का अनुभव, संगठन पर पकड़ और केंद्रीय नेतृत्व से करीबी संबंध उन्हें बांकीपुर सीट पर एक मजबूत और प्रभावी उम्मीदवार बना सकता है। आने वाले चुनाव में यह सीट एक बार फिर हाई-प्रोफाइल मुकाबले का केंद्र बनने की संभावना है।

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BIHAR - JHARKHAND